19 Minute Viral Video: पिछले कुछ दिनों से इंस्टाग्राम (Instagram), एक्स (ट्विटर) और टेलीग्राम (Telegram) जैसे प्लेटफॉर्म्स पर '19 मिनट 34 सेकंड' (19-minute 34-second) का कीवर्ड तेजी से ट्रेंड कर रहा है. दावा किया जा रहा है कि यह एक कपल का निजी वीडियो है। इसके साथ ही एक और डरावनी अफवाह फैलाई जा रही है कि वीडियो में दिखने वाली युवती ने लोक-लाज के डर से आत्महत्या कर ली है. हालांकि, विस्तृत फैक्ट-चेक और कानूनी विश्लेषण से पता चला है कि यह पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश, साइबर धोखाधड़ी और कानूनी जाल का हिस्सा है. यह भी पढ़ें: Alina Amir Viral Video: 'डीपफेक' विवाद के बीच अलिना आमीर की वापसी: इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए ट्रोलर्स को दिया करारा जवाब
आत्महत्या की खबर बनाम हकीकत
इंटरनेट पर दो अलग-अलग वीडियो को जोड़कर एक सनसनीखेज कहानी गढ़ी जा रही है। एक तरफ कथित निजी वीडियो है, तो दूसरी तरफ एक मृत महिला के शरीर का फुटेज है.
- दावा: वीडियो में दिखने वाली लड़की (जिसे अक्सर 'स्वीट जन्नत' या सोफिक एसके से जोड़ा जा रहा है) ने सुसाइड कर लिया है.
- सच: यह दावा पूरी तरह झूठ है। मृत महिला का वीडियो एक पुरानी और बिल्कुल अलग घटना से संबंधित है.
- इन्फ्लुएंसर का बयान: इन्फ्लुएंसर 'स्वीट जन्नत' ने सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया है कि वह जीवित हैं और उन्हें बदनाम करने के लिए किसी और का वीडियो उनके नाम से फैलाया जा रहा है.
साइबर ट्रैप: लिंक पर क्लिक करना क्यों है खतरनाक?
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि "19 मिनट 34 सेकंड ओरिजिनल वीडियो लिंक" जैसे सर्च टर्म्स का इस्तेमाल हैकर्स द्वारा 'हथियार' के रूप में किया जा रहा है.
- मैलवेयर और स्पाइवेयर: इन लिंक्स पर क्लिक करते ही आपके फोन या कंप्यूटर में खतरनाक सॉफ्टवेयर डाउनलोड हो सकते हैं, जो आपके पासवर्ड और निजी डेटा चोरी कर सकते हैं.
- फिशिंग और वित्तीय धोखाधड़ी: कई बार उम्र सत्यापन (Age Verification) के नाम पर आपसे क्रेडिट कार्ड या यूपीआई पिन मांगा जाता है, जिससे आपका बैंक खाता खाली हो सकता है.
- कैमरा हैकिंग: कुछ मैलवेयर आपकी अनुमति के बिना आपके डिवाइस का कैमरा और माइक एक्सेस कर सकते हैं.
कानूनी जोखिम: क्या वीडियो देखना आपको जेल भेज सकता है?
भारत में इस तरह के कंटेंट को देखना, स्टोर करना या शेयर करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है.
- शेयर करना अपराध (आईटी एक्ट, धारा 67A): यदि आप इस वीडियो या इसके लिंक को व्हाट्सएप ग्रुप या किसी मित्र को भेजते हैं, तो आप 'यौन स्पष्ट सामग्री' प्रकाशित करने के दोषी हैं. इसमें पहली बार पकड़े जाने पर 5 साल की जेल और ₹10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है. यह एक गैर-जमानती अपराध है.
- स्टोरेज का जोखिम: कई बार व्हाट्सएप पर ऑटो-डाउनलोड सेटिंग के कारण वीडियो फोन में सेव हो जाता है. अश्लील सामग्री का स्टोरेज भी आपको कानूनी मुश्किल में डाल सकता है.
- डीपफेक और गोपनीयता (धारा 66D/66E): अगर वीडियो एआई (AI) द्वारा बनाया गया डीपफेक है, तो इसे रखना या फैलाना निजता के उल्लंघन और धोखाधड़ी के तहत आता है.
- ग्रुप एडमिन की जिम्मेदारी: यदि किसी व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप में यह वीडियो शेयर होता है और एडमिन इसे नहीं हटाता, तो उसे भी 'अपराध के लिए उकसाने' (Abetment) का दोषी माना जा सकता है. यह भी पढ़ें: AI Scam: अलीना आमिर 4:47 न्यू वीडियो से लेकर आरोही मिम 3 मिनट 24 सेकंड वायरल लिंक तक: AI को कैसे पहचानें?
निष्कर्ष
'19 मिनट' का यह वायरल ट्रेंड मनोरंजन नहीं, बल्कि एक खतरनाक दलदल है. यह न केवल निर्दोष लोगों की छवि खराब कर रहा है, बल्कि आम यूजर्स के डेटा और आजादी को भी खतरे में डाल रहा है. डिजिटल सुरक्षा का एकमात्र तरीका यही है कि ऐसे किसी भी लिंक को नजरअंदाज करें, फाइल डिलीट करें और फर्जी खबरों की रिपोर्ट करें.
अस्वीकरण: यह लेख केवल साइबर सुरक्षा और कानूनी जोखिमों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से लिखा गया है। हम किसी भी प्रकार की अश्लील या लीक सामग्री का समर्थन नहीं करते हैं.













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