Fact Check: क्या PM मोदी ने राष्ट्रगान का अनादर किया? जानें वायरल VIDEO का सच

वायरल क्लिप में दावा किया गया था कि जब पीएम मोदी मंच पर आगे बढ़ रहे थे, तब पृष्ठभूमि (बैकग्राउंड) में राष्ट्रगान बज रहा था. जांच के दौरान पाया गया कि यह वीडियो जून 2025 का है, जब प्रधानमंत्री बिहार के सिवान जिले के जसौली गांव में एक जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे.

Fact Check:  सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच पर चलते समय राष्ट्रगान बजने के बावजूद खड़े नहीं हुए और उन्होंने इसका अनादर किया. हालांकि, फैक्ट चेक से यह स्पष्ट हो गया है कि यह दावा पूरी तरह से झूठा है और वायरल वीडियो के साथ छेड़छाड़ (एडिटिंग) की गई है.

वायरल दावे का सच और मूल वीडियो

वायरल क्लिप में दावा किया गया था कि जब पीएम मोदी मंच पर आगे बढ़ रहे थे, तब पृष्ठभूमि (बैकग्राउंड) में राष्ट्रगान बज रहा था. जांच के दौरान पाया गया कि यह वीडियो जून 2025 का है, जब प्रधानमंत्री बिहार के सिवान जिले के जसौली गांव में एक जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे.

जानें वायरल खबर की सच्चाई

The Quint Fact Check द्वारा की गई जांच और पीएम मोदी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए मूल वीडियो के अनुसार, मंच पर उनके आगमन के दौरान राष्ट्रगान नहीं बज रहा था. इसके स्थान पर, लाउडस्पीकर पर एक उद्घोषक जनता की ओर से उनका स्वागत कर रहा था. मूल ऑडियो को हटाकर उसके ऊपर एडिटेड राष्ट्रगान का ऑडियो जोड़ दिया गया था.

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पॉकेट स्क्वायर के रंग संयोजन पर हुआ विवाद

इसके अलावा, 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से पीएम मोदी के परिधान को लेकर भी सोशल मीडिया पर एक अलग राजनीतिक बहस छिड़ गई. प्रधानमंत्री ने लाल बांधनी साफा, सफेद कुर्ता और भूरे रंग की जैकेट के साथ तिरंगे के रंगों वाला तीन-परत (थ्री-फोल्ड) पॉकेट स्क्वायर पहना हुआ था.

कांग्रेस नेताओं, जिनमें पवन खेड़ा और सुप्रिया श्रीनेत शामिल हैं, ने इस पॉकेट स्क्वायर में रंगों के क्रम (हरे, सफेद और केसरिया) को लेकर तंज कसा और इसकी तुलना आयरलैंड के राष्ट्रीय ध्वज से कर दी.

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फ्लैग कोड और तथ्य

विपक्ष की टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया यूजर्स और विश्लेषकों ने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी द्वारा पहना गया पॉकेट स्क्वायर भारत का राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) नहीं था, बल्कि तिरंगे के रंगों से प्रेरित एक फैब्रिक एसेसरी था. भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) के अनुसार भी, जब राष्ट्रीय ध्वज को लंबवत (वरटिकल) प्रदर्शित किया जाता है, तो केसरिया पट्टी देखने वाले के बाईं ओर होती है. हालांकि, कपड़ों में इस्तेमाल होने वाले पॉकेट स्क्वायर पर ध्वज संहिता के कड़े नियम सीधे लागू नहीं होते हैं.

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साफे की परंपरा

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर पारंपरिक और सांस्कृतिक साफे पहनने की परंपरा 2014 से जारी है. इस वर्ष उन्होंने राजस्थान और गुजरात की प्रसिद्ध बांधनी कला से निर्मित लाल साफा चुना था, जो भारत की स्वदेशी वस्त्र परंपरा और 'वोकल फॉर लोकल' का प्रतीक है.

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