Fact Check: न्यूयॉर्क के JFK एयरपोर्ट पर पहुंची 'Torenza' देश की महिला, पासपोर्ट को लेकर फर्जी दावा वायरल; जानें कहानी का असली सच
अमेरिका के न्यूयॉर्क से एक चौंकाने वाली खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. दावा किया जा रहा है कि एक महिला न्यूयॉर्क के जॉन एफ़ कैनेडी (JFK) हवाई अड्डे पर 'टोरांजा' देश के पासपोर्ट के साथ पहुंची थी, जिसके बारे में किसी ने कभी सुना ही नहीं था.
Torenza Passport Viral Video: अमेरिका के न्यूयॉर्क से एक चौंकाने वाली खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. दावा किया जा रहा है कि एक महिला न्यूयॉर्क के जॉन एफ कैनेडी हवाई अड्डे (JFK Airport) पर 'टोरांजा' देश के पासपोर्ट के साथ पहुंची थी, जिसके बारे में किसी ने कभी सुना ही नहीं (Time Travel) था. बताया गया कि महिला टोक्यो से आई थी और जब इमिग्रेशन अधिकारियों ने उससे उस देश के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि 'टोरांजा' (Torenza Fake Country Hoax) काकेशस क्षेत्र में स्थित है.
वायरल वीडियो (Viral Video) में यह भी दिखाया गया था कि उसके पासपोर्ट पर कई असली देशों के इमिग्रेशन स्टैम्प लगे थे.
JFK हवाई अड्डे पर 'टोरेंजा पासपोर्ट' के साथ पहुंची महिला!
टोरेंजा पासपोर्ट के साथ महिला JFK हवाई अड्डे पर उतरी (फोटो: X/ @ForeverScept)
टोरेंजा पासपोर्ट वाली महिला न्यूयॉर्क शहर पहुंची
टोरेंजा पासपोर्ट वाली महिला JFK हवाई अड्डे पर उतरी (फोटो: Instagram/ @illumincodes)
वायरल वीडियो की असली सच्चाई क्या है?
लेकिन अब सच्चाई सामने आ गई है. फैक्ट चेक से पता चला है कि 'टोरांजा पासपोर्ट वाली महिला (Torenza Passport Woman)' की कहानी पूरी तरह से झूठी है. यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) की मदद से बनाया गया था. JKF हवाई अड्डे या अमेरिकी इमिग्रेशन विभाग के किसी भी रिकॉर्ड में ऐसी कोई घटना दर्ज नहीं है.
AI विशेषज्ञों ने बताया कि वीडियो में दिखाया गया पासपोर्ट और हवाई अड्डे का दृश्य पूरी तरह से डिजिटल रूप से तैयार किया गया था. यह वीडियो 1959 की एक पुरानी घटना और शहरी किंवदंती 'मैन फ्रॉम टॉरेड (Man from Taured)' से प्रेरित है, जिसमें एक व्यक्ति को काल्पनिक देश 'टॉरेड' के पासपोर्ट के साथ जापान में पकड़ा गया था.
AI द्वारा निर्मित किया गया था वीडियो
टोरेंजा पासपोर्ट महिला की कहानी AI निर्मित फेक न्यूज है
Grok समेत अन्य AI Tools ने क्या बताया?
X AI Grok जैसे एआई टूल्स और कई तथ्य-जांच वेबसाइटों ने पुष्टि की है कि यह वीडियो केवल सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए बनाया गया था. इसमें दिखाए गए सभी दृश्य, संवाद और लोग काल्पनिक हैं.
जेएफके हवाई अड्डा प्रशासन और अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों ने भी इस खबर का खंडन किया है. उनका कहना है कि 'टोरांजा' नामक देश का कोई भी यात्री कभी अमेरिका में नहीं आया है, न ही ऐसा कोई देश किसी विश्व मानचित्र या अंतर्राष्ट्रीय डेटाबेस पर मौजूद है.