खुशहाल सेक्स लाइफ के बावजूद 80% महिलाएं करती हैं मास्टरबेशन, जानिए क्यों है स्त्रियों लिए ये फायदेमंद
हमारे समाज में मास्टरबेशन यानी हस्तमैथुन को घृणा भरी नजरों से देखा जाता है. इसके बारे में लोगों की अलग-अलग टिप्पणियां है. कुछ लोगों का मानना है कि मास्टरबेशन से शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है. तो कुछ लोगों का मानना है कि मास्टरबेशन बिना सेक्स के अपने आपको संतुष्ट करने का एक सुरक्षित तरीका है...
हमारे समाज में मास्टरबेशन (Masturbation) यानी हस्तमैथुन को घृणा भरी नजरों से देखा जाता है. इसके बारे में लोगों की अलग-अलग टिप्पणियां है. कुछ लोगों का मानना है कि मास्टरबेशन से शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है. तो कुछ लोगों का मानना है कि मास्टरबेशन बिना सेक्स के अपने आपको संतुष्ट करने का एक सुरक्षित तरीका है. अगर देखा जाए तो मास्टरबेशन पुरुष और महिला दोनों के लिए समान्य प्रक्रिया है. यह गलत आदतों और असुरक्षित सेक्स से बचाता है. इसलिए अगर इसे समस्या के बजाय आज के दौर में संतुष्टि पाने का सुरक्षित माध्यम समझा जाता है. अपनी खुशहाल सेक्स लाइफ में लगभग 80% महिलाएं मास्टरबेशन करती हैं. इससे तुरंत या भविष्य में कोई समस्या नहीं होती, ना शारीरिक और ना ही मानसिक रूप से.
Your Best Sex Ever की लेखिका और नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी स्थित अब्स्टेट्रिक ऐंड गाइनकॉलजी में असोसिएट प्रफेसर, डॉ. लॉरेन स्ट्रीचर ने साल 2016 में एक इंटरव्यू में मास्टरबेशन के फायदे बताए थे और कहा था कि ये महिलाओं के लिए फायदेमंद है. आइए आपको बताते हैं क्यों महिलाओं के लिए मास्टरबेशन फायदेमंद है.
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प्लेजर: स्ट्रीचर के मुताबिक मास्टरबेशन से प्लेजर मिलता है, इसे करने ओर्गेज्म होता है. इस दौरान डोपामीन और ऑक्सिटोसिन नाम के ऐंडोमॉर्फीन रिलीज होते हैं जो मूड को सुधारते हैं. मास्टरबेशन सेक्शुअल टेंशन को दूर करता है और स्ट्रेस भी कम करता है. इसके बाद महिलाओं को अच्छी नींद भी आ जाती है.
मसल्स मजबूत होती हैं: मास्टरबेशन से पेल्विक और ऐनल रीजन की मसल्स मजबूत होती हैं और यह सेक्स संबंधी परेशानियों को भी ट्रीट करने में मदद करता है.
स्ट्रेस कम होता है: मास्टरबेशन से कई सारे न्यूरोट्रान्समीटर्स रिलीज़ होते हैं, जैसे-सेरोटॉनिन, एन्डॉ़िर्फन और ऑक्सिटोसिन. जहां सेरोटॉनिन आपको शांत करता है, वहीं एन्डॉ़िर्फन दर्द कम करने में मददगार है, जबकि ऑक्सिटोसिन को लव हार्मोन कहा जाता है. यह आपको रिलैक्स महसूस कराता है.
ब्लड सर्क्युलेशन: मास्टरबेशन करते समय जननांगों में ब्लड सर्क्युलेशन बढ़ जाता है. इससे वहां की टीशूज़ सेहतमंद बनती हैं. जननांगों के आसपास रक्त का संचार बढ़ना उन महिलाओं के लिए अच्छा होता है, जो मेनोपॉज़ की उम्र के करीब पहुंचने वाली होती हैं.
पीरियड्स के दर्द से निजात: कुछ रिसर्च में यह भी कहा गया है कि मास्टरबेशन से पीरियड्स के दौरान होनेवाले दर्द में भी कमी आती है.
मास्टरबेशन करने वाली महिलाओं को अच्छी तरह से पता होता कि किस तरह की एक्टिविटी उन्हें खुशी दे सकती है और कौन-से व्यवहार से उन्हें अनईज़ी फील होता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 28, 2019 09:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

