Tulsi Vivah 2020: घर में तुलसी होना क्यों माना जाता है शुभ, जानें क्या है इसके फायदे?
कार्तिक मास में एकादशी के दिन तुलसी जी का विवाह शालिग्राम के साथ धूमधाम से किया जाता है. इस दिन से ही देशभर में मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है.यह हिन्दुओं एक महत्वपूर्ण त्योहार है. यह त्यौहार विशेष रूप से देश की महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है.
Tulsi Vivah 2020: इस साल 26 नवंबर को तुलसी विवाह का पावन पर्व मनाया जाएगा. हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन तुलसी जी का विवाह शालिग्राम के साथ धूमधाम से किया जाता है. तुलसी विवाह के साथ ही देशभर में मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है. यह हिंदुओ का एक महत्वपूर्ण त्योहार है. यह त्योहार विशेष रूप से देश की महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है. इस दिन तुलसी के पौधे की पूजा का विशेष महत्व होता है, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि तुलसी का पौधा या भारतीय तुलसी एक ऐसा पौधा है, जिसकी लोग नियमित रूप से सुबह और शाम के समय पूजा करते हैं. इसे धार्मिक और स्वास्थ्य के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है.
विभिन्न प्रकार की तुलसी के पौधे हैं जैसे राम तुलसी, कृष्ण तुलसी और विष्णु तुलसी. पारंपरिक रूप से यह माना जाता है कि घर में तुलसी का पौधा रखकर सौभाग्य और समृद्धि को आमंत्रित किया जा सकता है. इस पौधे को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है. कहा जाता है कि तुलसी का पौधा घर से बुराइयों और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है. इसकी उपस्थिति से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर-परिवार में सुख-शांति रहती है. यह भी पढ़ें : Tulsi Vivah 2020: कब है तुलसी विवाह, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पौराणिक कथा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर में तुलसी का होना बेहद शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि जिस घर में तुलसी का वास होता है, वहां कभी भी यमदूत प्रवेश नहीं करते हैं. तुलसी का विवाह भगवान विष्णु के दूसरे रूप शालिग्राम के साथ किया जाता है. कथा के अनुसार, भगवान विष्णु ने एक बार प्रसन्न होकर तुलसी को वरदान दिया था कि मुझे शालिग्राम के नाम से भी जाना जाएगा और जो भी उनका विवाह तुलसी के साथ कराएगा, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी.
लोग तुलसी की पूजा क्यों करते हैं?
ऐसे कई कारण हैं जिनकी वजह से तुलसी के पौधे की पूजा करना महत्वपूर्ण माना जाता है. तुलसी या वृंदा को स्वर्ग का प्रवेश द्वार माना जाता है, जो भगवान विष्णु का निवास स्थान है. वह भक्तों को अपने अंतिम लक्ष्य-प्राप्ति मोक्ष के करीब जाने में मदद करती है. माना जाता है कि पौधे के विभिन्न हिस्सों में सनातन धर्म के विभिन्न देवताओं और पवित्र ग्रंथों का निवास होता है.
अपने धार्मिक महत्व के अलावा, तुलसी का पौधा महान औषधीय महत्व के लिए बेहद लोकप्रिय है और आयुर्वेदिक उपचार में एक प्रमुख जड़ी बूटी है. इसकी मजबूत सुगंध और स्वाद से चिह्नित, तुलसी 'जीवन का अमृत' है जो दीर्घायु को बढ़ावा देती है. पौधे के अर्क का उपयोग कई बीमारियों को रोकने और ठीक करने के लिए किया जा सकता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 23, 2020 01:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

