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Guru Purnima 2026 Sanskrit Wishes: शुभ गुरु पूर्णिमा! इन संस्कृत Shlokas, GIF Greetings, WhatsApp Messages के जरिए अपने गुरुओं को दें बधाई

गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर अपने गुरुओं, शिक्षकों और आदरणीयजनों को नमन करने तथा शुभकामनाएं भेजने के लिए इन संस्कृत श्लोकों, विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, वॉट्लऐप मैसेजेस का उपयोग किया जा सकता है.

Guru Purnima 2026 Sanskrit Wishes: शुभ गुरु पूर्णिमा! इन संस्कृत Shlokas, GIF Greetings, WhatsApp Messages के जरिए अपने गुरुओं को दें बधाई
गुरु पूर्णिमा 2026 (Photo Credits: File Image)

Guru Purnima 2026 Sanskrit Wishes: सनातन धर्म में गुरु को भगवान से भी उच्च दर्जा दिया गया है. अज्ञानता के अंधकार को दूर कर ज्ञान का मार्ग दिखाने वाले गुरुओं के प्रति आभार व्यक्त करने का पावन पर्व 'गुरु पूर्णिमा' इस वर्ष बुधवार, 29 जुलाई 2026 को मनाया जा रहा है.

हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा, व्यास पूर्णिमा और वेद व्यास जयंती के नाम से जाना जाता है. इस दिन शिष्य अपने गुरुओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

इसके साथ ही गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर अपने गुरुओं, शिक्षकों और आदरणीयजनों को नमन करने तथा शुभकामनाएं भेजने के लिए इन संस्कृत श्लोकों, विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, वॉट्लऐप मैसेजेस का उपयोग किया जा सकता है.

1- विनयफलं शुश्रूषा गुरुशुश्रूषाफलं श्रुतं ज्ञानम्।
ज्ञानस्य फलं विरतिः विरतिफलं चाश्रवनिरोधः॥
भावार्थ: विनय का फल सेवा है, गुरुसेवा का फल ज्ञान है, ज्ञान का फल विरक्ति (स्थायित्व) है और विरक्ति का फल आश्रवनिरोध (बंधनमुक्ति तथा मोक्ष) है.

गुरु पूर्णिमा 2026 (Photo Credits: File Image)

2- ‎स्वगुरुं मां विजानीयान्नावमन्येत कर्हिचित्‌।
न मर्त्यबुद्ध्या सेवेत सर्वदेवमयो गुरुः॥
भावार्थ: अपने गुरु को ईश्वर ही जानना चाहिए और किसी भी प्रकार से उनका अनादर नहीं करना चाहिए.
उन्हें एक साधारण मनुष्य के रूप में नहीं समझना चाहिए, क्योंकि गुरु में सभी देवता समाए होते हैं.

गुरु पूर्णिमा 2026 (Photo Credits: File Image)

3- प्रेरकः सूचकश्वैव वाचको दर्शकस्तथा।
शिक्षको बोधकश्वैव षडेते गुरवः स्मृताः॥
भावार्थ: जो प्रेरणा दे, सूचना दे, ज्ञान दे, मार्गदर्शन करे, शिक्षा दे और बोध कराए, ये छः गुरु माने गए हैं.

गुरु पूर्णिमा 2026 (Photo Credits: File Image)

4- विद्वत्त्वं दक्षता शीलं संक्रान्तिरनुशीलनम्।
शिक्षकस्य गुणाः सप्त सचेतस्त्वं प्रसन्नता॥
भावार्थ: विद्या, दक्षता, अच्छा आचरण, पढ़ाने की कुशलता, अभ्यास, चेतना और अनुग्रह- शिक्षक के ये सात गुण हैं.

गुरु पूर्णिमा 2026 (Photo Credits: File Image)

5- अज्ञानतिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जनशलाकया।
चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
भावार्थ: ज्ञान की शलाका से जिसने अज्ञान के अंधकार से अंधे हो गए लोगों की आंखें खोलीं, उस गुरु को नमन.

गुरु पूर्णिमा 2026 (Photo Credits: File Image)

महर्षि वेदव्यास जयंती और गुरु पूर्णिमा का इतिहास

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ पूर्णिमा के दिन ही महाभारत और चारों वेदों के रचयिता महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था. उन्होंने ही मानव जाति को पहली बार वेदों का ज्ञान दिया था, इसलिए उन्हें प्रथम गुरु (आदिगुरु) की उपाधि दी गई है.

भारतीय संस्कृति में 'गुरु बिन ज्ञान न होहि' के मूलमंत्र का विशेष महत्व रहा है. शास्त्रों में माता को बच्चे का पहला गुरु माना गया है, जिसके बाद शिक्षक और आध्यात्मिक गुरु शिष्य को जीवन की सही राह दिखाते हैं.

गुरु पूर्णिमा की पूजा विधि

गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने और स्वच्छ वस्त्र धारण करने का विधान है. पूजा की प्रक्रिया इस प्रकार है:

  • देवी-देवताओं का नमन: घर के पूजा स्थल पर विराजित देवी-देवताओं, विशेषकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का ध्यान कर उनकी पूजा-अर्चना करें.
  • महर्षि वेदव्यास पूजन: प्रथम गुरु महर्षि वेदव्यास की तस्वीर या प्रतिमा पर फल, फूल और मिष्ठान अर्पित कर प्रणाम करें.
  • गुरु वंदना एवं चरण स्पर्श: यदि आपने गुरु दीक्षा ली है, तो अपने गुरु के समक्ष जाकर उनके चरण स्पर्श करें, उन्हें वस्त्र या दक्षिणा भेंट करें और उनका आशीर्वाद लें.
  • मंत्र दीक्षा: जो लोग गुरु मंत्र प्राप्त करना चाहते हैं, उनके लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 28, 2026 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).