Easter 2025 Messages: हैप्पी ईस्टर! प्रियजनों को इन हिंदी Shayaris, WhatsApp Wishes, GIF Greetings, Photo SMS के जरिए दें बधाई
ईस्टर के पर्व को मनाने के लिए रंग-बिरंगी अंडों के सजाया जाता है, जो कि इस पर्व पर निभाई जाने वाली एक लोकप्रिय परंपरा है. इन अंडों को नए जीवन का प्रतीक माना जाता है. इस दिन लोग चर्च में विशेष प्रार्थनाएं करते हैं और एक-दूसरे को शुभकामना संदेश भी भेजते हैं. ऐसे में आप भी इन हिंदी मैसेजेस, शायरी, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स और फोटो एसएमएस के जरिए अपने प्रियजनों से हैप्पी ईस्टर कह सकते हैं.
Easter 2025 Messages in Hindi: इस साल यानी 2025 में ईस्टर संडे (Easter Sunday) का त्योहार 20 अप्रैल को मनाया जा रहा है, जो दुनिया भर के ईसाइयों के लिए काफी महत्व रखता है. ईसाई धर्म की प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, ईसा मसीह को शुक्रवार के दिन क्रॉस यानी सूली पर चढ़ाया गया था, इस घटना के तीन दिन बाद रविवार को वे पुनर्जीवित हो गए थे, इसलिए ईसा मसीह के पुनर्जन्म की इस घटना को ईस्टर संडे के तौर पर हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. ईस्टर को 40 दिनों तक मनाने की परंपरा निभाई जाती है. कहा जाता है कि पुनर्जीवित होने के बाद ईसा मसीह ने 40 दिनों तक धरती पर रहकर अपने शिष्यों को प्रेम और करुणा की शिक्षा दी थी. इसके बाद 40वें दिन वे स्वर्ग चले गए. कई जगहों पर ईस्टर को 50 दिनों तक सेलिब्रेट किया जाता है, क्योंकि इसमें 40 दिनों के अलावा पेंटेकोस्ट का 10 दिन का पर्व भी शामिल है, जो पवित्र आत्मा के पुन: आगमन का जश्न मनाता है.
ईस्टर के पर्व को मनाने के लिए रंग-बिरंगी अंडों को सजाया जाता है, जो कि इस पर्व पर निभाई जाने वाली एक लोकप्रिय परंपरा है. इन अंडों को नए जीवन का प्रतीक माना जाता है. इस दिन लोग चर्च में विशेष प्रार्थनाएं करते हैं और एक-दूसरे को शुभकामना संदेश भी भेजते हैं. ऐसे में आप भी इन हिंदी मैसेजेस, शायरी, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स और फोटो एसएमएस के जरिए अपने प्रियजनों से हैप्पी ईस्टर कह सकते हैं.





गौरतलब है कि गुड फ्राइडे के तीन दिन बाद ईस्टर संडे के पर्व को दुनिया भर के ईसाई समुदाय द्वारा धूमधाम से मनाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि सूली पर चढ़ाए जाने के तीन दिन बाद मृत्यु पर विजय प्राप्त करते हुए प्रभु यीशु (Jesus Christ) पुनर्जीवित हो गए थे, इसलिए इस घटना को ईस्टर संडे के तौर पर मनाया जाता है. ईस्टर को न सिर्फ प्रभु यीशु के पुनरुत्थान का प्रतीक माना जाता है, बल्कि यह ईसाइयों के लिए नए जीवन का प्रतीक भी है. इसके साथ ही इस पर्व को पाप और मृत्यु पर विजय के प्रतीक के तौर पर भी मनाया जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 20, 2025 06:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

