Durga Puja 2025 Greetings: दुर्गा पूजा के इन मनमोहक WhatsApp Stickers, GIF Images, HD Wallpapers को भेजकर अपनों को दें बधाई
दुर्गा पूजा 2025 (Photo Credits: File Image)

Durga Puja 2025 Greetings in Hindi: नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि (Sharad Navratri) के छठे दिन यानी महा षष्ठी (Maha Shashti) के दिन से पांच दिवसीय दुर्गा पूजा (Durga Puja) की भव्य शुरुआत होती है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होती है, जबकि आश्विन शुक्ल षष्ठी से पांच दिवसीय दुर्गा पूजा की शुरुआत होती है और मां दुर्गा की उपासना के इस पर्व का समापन आश्विन शुक्ल दशमी तिथि को विजयादशमी (Vijayadashami) के साथ होता है. इसी दिन मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन कर उन्हें विदाई दी जाती है. इस साल दुर्गा पूजा की शुरुआत 28 सितंबर 2025 से हो रही है, जिसका समापन 2 अक्टूबर 2025 को विजयादशमी के साथ होगा. इस पर्व को बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत के प्रतीक के तौर पर भी मनाया जाता है. महा षष्ठी तिथि को जहां दुर्गा पूजा की शुरुआत होती है तो वहीं इस दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है.

दुर्गा पूजा के पहले दिन ढाक-ढोल, भोज-दावत, बोधन निमंत्रण और पूजा-अनुष्ठान के साथ मां दुर्गा का स्वागत किया जाता है, फिर उनके चेहरे का अनावरण किया जाता है. षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी और दशमी तिथि तक दुर्गा पूजा का उत्सव मनाया जाता है. दुर्गा पूजा के इस पावन अवसर पर आप इन मनमोहक ग्रीटिंग्स, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ इमेजेस, एचडी वॉलपेपर्स को भेजकर अपनों को बधाई दे सकते हैं.

1- दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं

दुर्गा पूजा 2025 (Photo Credits: File Image)

2- दुर्गा पूजा की हार्दिक बधाई

दुर्गा पूजा 2025 (Photo Credits: File Image)

3- हैप्पी दुर्गा पूजा

दुर्गा पूजा 2025 (Photo Credits: File Image)

4- दुर्गा पूजा 2025

दुर्गा पूजा 2025 (Photo Credits: File Image)

5- शुभ दुर्गा पूजा

दुर्गा पूजा 2025 (Photo Credits: File Image)

मां दुर्गा की उपासना से जुड़े नौ दिवसीय पर्व नवरात्रि से जुड़ी पौराणिक कथा के अनुसार, नौ दिनों तक महिषासुर से युद्ध करने के बाद दसवें दिन मां दुर्गा ने उसका संहार किया था और उसके आतंक से समस्त सृष्टि को मुक्ति दिलाई थी. वहीं एक अन्य कथा के अनुसार, श्रीराम ने नौ दिनों तक व्रत रखकर शक्ति की उपासना की थी और दसवें दिन उन्होंने लंकापति रावण का संहार किया था, इसलिए बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत के प्रतीक के तौर पर विजयादशमी यानी दशहरे का त्योहार मनाया जाता है. गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा, बिहार और ओडिशा जैसे राज्यों में दुर्गा पूजा उत्सव को धूमधाम से मनाया जाता है.