Chhath Puja 2025 Bhojpuri Messages: छठ पूजा के हार्दिक शुभकामना! अपनों को इन भोजपुरी Shayaris, WhatsApp Wishes, GIF Greetings के जरिए दें बधाई
छठ पूजा पर्व को लेकर मान्यता है कि भगवान सूर्य देव और छठी मैया की उपासना से व्रतियों के संतान को लंबी उम्र और अच्छी सेहत का वरदान मिलता है, साथ ही घर-परिवार में खुशहाली आती है. आस्था के इस महापर्व के तीसरे दिन आप इन भोजपुरी मैसेजेस, शायरी, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स को अपनों के साथ शेयर करके उनसे छठ पूजा के हार्दिक शुभकामना कह सकते हैं.
Chhath Puja 2025 Bhojpuri Messages: पांच दिवसीय दिवाली उत्सव (Diwali Festival) के बाद लोग आस्था के महापर्व छठ पूजा (Chhath Puja) की तैयारियों में जुट जाते हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से लेकर सप्तमी तिथि तक छठ पूजा का पर्व मनाया जाता है, जबकि कार्तिक शुक्ल षष्ठी इस चार दिवसीय महापर्व का सबसे अहम दिन होता है. इस साल 25 अक्टूबर 2025 को नहाय-खाय (Nahay Khay) के साथ छठ पूजा की शुरुआत हो चुकी है और 28 अक्टूबर 2025 को ऊषा अर्घ्य के बाद इस पर्व का समापन होगा. इस महापर्व के पहले दिन नहाय-खाय, दूसरे दिन लोहंडा खरना (Lohanda Kharna), तीसरे दिन संध्या अर्घ्य और चौथे दिन ऊषा अर्घ्य शामिल है. इस पर्व का मुख्य पर्व 27 अक्टूबर 2025 को और ऊषा अर्घ्य 28 अक्टूबर 2025 को मनाया जा रहा है. ऐसी मान्यता है कि छठ पूजा के दौरान सूर्य देव (Surya Dev) और छठ मैया (Chhath Maiya) की उपासना से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
छठ पूजा पर्व को लेकर मान्यता है कि भगवान सूर्य देव और छठी मैया की उपासना से व्रतियों के संतान को लंबी उम्र और अच्छी सेहत का वरदान मिलता है, साथ ही घर-परिवार में खुशहाली आती है. आस्था के इस महापर्व के तीसरे दिन आप इन भोजपुरी मैसेजेस, शायरी, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स को अपनों के साथ शेयर करके उनसे छठ पूजा के हार्दिक शुभकामना कह सकते हैं.
गौरतलब है कि छठ पूजा पर्व की तीसरा दिन सबसे अहम होता है और इस दिन शाम के समय डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है, जिसे संध्या अर्घ्य कहते हैं. छठ पूजा के दौरान चांदी, स्टील और प्लास्टिक के बर्तनों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, जबकि इसमें मिट्टी के चूल्हे और पीतल के बर्तनों का इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि इस व्रत के दौरान सूर्य को अर्घ्य दिए बिना किसी भी चीज का सेवन करने से बचना चाहिए और व्रतियों को इस दौरान जमीन पर ही सोना चाहिए. इस व्रत के प्रसाद को बनाते हुए स्वच्छता का खास तौर पर ख्याल रखा जाता है.