आंखों का रूखापन आपकी पढ़ने की क्षमता को कर सकता है प्रभावित
अगर आपकी आंखें रूखी है तो आंखों की यह समस्या आपकी पढ़ने की रफ्तार को प्रभावित कर सकती है. दरअसल,आंखों का रूखापन एक ऐसी बीमारी है, जिसमें आंखों से पर्याप्त मात्रा में आंसू नहीं निकलते हैं. आंखों की इस समस्या को ड्राई आई सिंड्रोम कहते हैं.
न्यूयार्क: आंखों को व्यक्ति के शरीर का सबसे अहम अंग माना जाता है, इसलिए आंखों की सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी है. हालांकि कई लोग आंखों की समस्या से परेशान नजर आते हैं, जिनमें से एक आंखों में रूखेपन की समस्या. जी हां, अगर आपकी आंखें रूखी है तो आंखों की यह समस्या आपकी पढ़ने की रफ्तार को प्रभावित कर सकती है. दरअसल,आंखों का रूखापन एक ऐसी बीमारी है, जिसमें आंखों से पर्याप्त मात्रा में आंसू नहीं निकलते हैं. आंखों की इस समस्या को ड्राई आई सिंड्रोम कहते हैं. इससे आंखों के कार्य काफी प्रभावित होते हैं.
इस सिंड्रोम पर शोध करने वाले शोधार्थी बताते हैं कि क्रोनिक ड्राई आई (आंखों के रूखेपन की बीमारी) से पीड़ित लोगों में पढ़ने की गति कम होती है. शोध में पाया गया कि इस रोग से पीड़ित लोगों में पढ़ने की गति सामान्य से 10 फीसदी कम होती है. साथ ही, इससे औसतन 30 मिनट से अधिक समय तक पढ़ने में कठिनाई हो सकती है.
नैदानिक रूप से जिनकी आंखें अधिक रूखी पाई जाती हैं उनमें प्रति मिनट 32 शब्द कम पढ़ने की क्षमता होती है, जबकि रोग से रहित लोग प्रति मिनट 272 शब्द पढ़ सकते हैं. यह भी पढ़ें: आंखों की रोशनी रहेगी लंबे समय तक सलामत, रोजाना करें ये 5 आसान काम
अमेरिका के जॉन्स हॉकिंस विल्मर आई इंस्टीट्यूट के एसेन एकपेक ने कहा, "आंखों में रूखेपन की वजह से लोग ज्यादातर लंबे समय तक पढ़ने में असमर्थ होते हैं, क्योंकि उनकी आंखों में पर्याप्त आंसू नहीं निकलने से आंखें गीली नहीं हो पाती हैं. ऐसा हमारा अनुमान है."
यह शोध ऑप्टोमेट्री एंड विजन साइंस नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ है. शोध में 50 वर्ष या उससे अधिक उम्र के 186 लोगों को शामिल किया गया था. यह भी पढ़ें: आंखों को बदसूरत भी बना सकता है कॉन्टेक्ट लेंस, हो सकती हैं ये 5 समस्याएं
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 17, 2018 06:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

