Dahi Handi 2026 Celebrations: मुंबई और ठाणे में यहां देखने को मिलेंगी सबसे भव्य गोविंदा पथकों की मानव पिरामिड, जानें तारीख, समय और प्रमुख स्थान

इसी परंपरा को आज भी गोविंदा पथक दोहराते हैं. दही हांडी में रखी जाने वाली मटकी में आमतौर पर दही, मक्खन, दूध, शहद, फल और सिक्के रखे जाते हैं. मटकी फूटने के बाद इन सामग्रियों का बिखरना समृद्धि, एकता और सामूहिक सफलता का प्रतीक माना जाता है. महाराष्ट्र में इस दिन को 'गोपालकाला' के नाम से भी जाना जाता है.

Dahi Handi 2026 Celebrations: भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम के बाद अब महाराष्ट्र में दही हांडी उत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं. भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अगले दिन मनाया जाने वाला यह पर्व भक्ति, साहस और टीमवर्क का अनूठा संगम माना जाता है. साल 2026 में दही हांडी का पर्व शनिवार, 5 सितंबर को मनाया जाएगा. इस दिन मुंबई, ठाणे और राज्य के कई शहरों में "गोविंदा आला रे" के जयघोष के बीच गोविंदा पथक ऊंची-ऊंची मानव पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ते नजर आएंगे. Dahi Handi 2026: महाराष्ट्र में कब मनाई जाएगी दही हांडी, जानें तारीख, महत्व और उत्सव की पूरी जानकारी

'माखन चोर' श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी है परंपरा

दही हांडी का त्योहार भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप और उनकी माखन चोर लीलाओं की याद में मनाया जाता है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, बालकृष्ण अपने दोस्तों के साथ मिलकर ऊंचाई पर टंगी मटकी तक पहुंचने के लिए मानव पिरामिड बनाते थे और उसमें रखा माखन, दही और दूध निकालते थे.

इसी परंपरा को आज भी गोविंदा पथक दोहराते हैं. दही हांडी में रखी जाने वाली मटकी में आमतौर पर दही, मक्खन, दूध, शहद, फल और सिक्के रखे जाते हैं. मटकी फूटने के बाद इन सामग्रियों का बिखरना समृद्धि, एकता और सामूहिक सफलता का प्रतीक माना जाता है. महाराष्ट्र में इस दिन को 'गोपालकाला' के नाम से भी जाना जाता है. यह नाम उस पारंपरिक प्रसाद से भी जुड़ा है, जिसे पोहा, दही, दूध, मक्खन और फलों को मिलाकर तैयार किया जाता है.

कैसा होता है दही हांडी का नजारा?

दही हांडी का आयोजन महाराष्ट्र के सबसे लोकप्रिय सार्वजनिक आयोजनों में से एक माना जाता है. गोविंदा पथक कई सप्ताह तक अभ्यास कर ऊंची मानव पिरामिड बनाते हैं. ढोल-ताशों की गूंज, पारंपरिक संगीत, रंग-बिरंगी झांकियां और हजारों दर्शकों की मौजूदगी पूरे माहौल को उत्साह से भर देती है.

हालांकि प्रतियोगिता में लाखों रुपये के इनाम भी रखे जाते हैं, लेकिन इस पर्व का मूल उद्देश्य भक्ति, टीमवर्क और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना है. अधिकांश स्थानों पर कार्यक्रम सुबह से शुरू होकर दोपहर तक चलते हैं, जबकि सबसे ज्यादा रोमांच दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे के बीच देखने को मिलता है.

दही हांडी 2026: तारीख और अवकाश की स्थिति

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: शुक्रवार, 4 सितंबर 2026

दही हांडी (गोपालकाला): शनिवार, 5 सितंबर 2026

महाराष्ट्र सरकार ने वर्ष 2026 के लिए मुंबई शहर और मुंबई उपनगर जिलों के सरकारी एवं अर्ध-सरकारी कार्यालयों में पहले घोषित गोपालकाला (दही हांडी) के स्थानीय अवकाश की जगह रक्षाबंधन का अवकाश घोषित किया है. यानी 5 सितंबर को इन क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश नहीं रहेगा. हालांकि पूरे महाराष्ट्र में दही हांडी का उत्सव पूरे उत्साह और पारंपरिक धूमधाम के साथ मनाया जाएगा.

मुंबई में कहां देखें सबसे शानदार दही हांडी?

लालबाग: यहां का बाल गोपाल मित्र मंडल धार्मिक माहौल और शानदार मानव पिरामिड के लिए प्रसिद्ध है.

दादर: दादर टीटी सर्कल के आसपास बड़ी संख्या में गोविंदा पथक, सेलिब्रिटी उपस्थिति और हजारों दर्शकों के बीच भव्य आयोजन होता है.

लोअर परेल: जय जवान मित्र मंडल की दही हांडी ऊंची पिरामिड और बड़े इनामी आयोजन के लिए जानी जाती है.

घाटकोपर: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव मंडल, जिसे राम कदम दही हांडी के नाम से भी जाना जाता है, यहां चुनौतीपूर्ण दही हांडी प्रतियोगिता आयोजित करता है.

वर्ली: संकल्प प्रतिष्ठान की दही हांडी अपने भव्य आयोजन और ऊंची मानव पिरामिड के लिए मशहूर है.

विले पार्ले: यहां भी बड़े इनाम वाली दही हांडी प्रतियोगिताओं में देशभर के प्रमुख गोविंदा पथक हिस्सा लेते हैं.

अंधेरी, गोरेगांव, माटुंगा और नवी मुंबई: इन इलाकों में भी विभिन्न चौकों और सार्वजनिक स्थानों पर बड़े पैमाने पर दही हांडी उत्सव आयोजित किए जाते हैं.

ठाणे में इन जगहों पर रहेगा सबसे ज्यादा उत्साह

टेंभी नाका: ठाणे की सबसे प्रसिद्ध दही हांडी में से एक. यहां हर साल हजारों लोग पहुंचते हैं और अक्सर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी शामिल होते हैं.

जांभली नाका: आनंद चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम पारंपरिक उत्सव और आधुनिक मनोरंजन का शानदार संगम माना जाता है.

संस्कृति युवा प्रतिष्ठान, वर्तक नगर: परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक द्वारा आयोजित यह आयोजन ठाणे की सबसे बड़ी दही हांडी प्रतियोगिताओं में गिना जाता है. यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम, सेलिब्रिटी उपस्थिति और आकर्षक इनाम लोगों का ध्यान खींचते हैं.

पंचपाखड़ी (संघर्ष प्रतिष्ठान दही हांडी): डॉ. जितेंद्र आव्हाड के संघर्ष प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित यह दही हांडी प्रतियोगिता भव्य आयोजन और मजबूत गोविंदा पथकों के लिए प्रसिद्ध है.

दही हांडी देखने जा रहे हैं तो रखें इन बातों का ध्यान

अगर आप दही हांडी का रोमांच देखने जा रहे हैं तो बेहतर व्यू पाने के लिए समय से पहले आयोजन स्थल पर पहुंचें. भीड़ को देखते हुए पर्याप्त पानी साथ रखें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित दूरी बनाकर इस ऐतिहासिक और रोमांचक सांस्कृतिक उत्सव का आनंद लें.

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