Mumbai Dahi Handi Tragedy: मुंबई में दही हांडी उत्सव के दौरान हादसा, 7 साल के बच्चे समेत दो की मौत, 200 से अधिक गोविंदा घायल
दूसरी घटना नवी मुंबई के घनसोली गांव में घटी. यहां मानव पिरामिड ढहने से 34 वर्षीय स्वप्निल सदानंद नवार नामक गोविंदा गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
Mumbai Dahi Handi Tragedy: मुंबई और आसपास के इलाकों में 5 सितंबर को आयोजित दही हांडी उत्सव के दौरान दो अलग-अलग हादसों में 7 वर्षीय बच्चे समेत दो लोगों की जान चली गई. कृष्ण जन्मोत्सव के दौरान मानव पिरामिड बनाने के प्रयास में पूरे शहर में 200 से अधिक गोविंदा घायल हो गए, जिनमें से कई का अस्पतालों में इलाज चल रहा है. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए नागरिक अस्पतालों में 100 से अधिक बेड आरक्षित किए थे.
मालवणी और नवी मुंबई में दो मौतें
पहला हादसा मालाड पश्चिम के मालवणी स्थित चीकूवाड़ी में हुआ, जहां बच्चे आपस में दही हांडी का आयोजन कर रहे थे. बच्चों ने हांडी बांधने के लिए रस्सी का एक सिरा पेड़ और दूसरा सिरा एक घर के ईंट के खंभे से बांधा हुआ था. हांडी तोड़ने के प्रयास के दौरान खंभा ढह गया, जिससे 7 वर्षीय रुद्र कदम के सिर पर गंभीर चोट लगी. मालवणी जनरल अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. यह भी पढ़े: मुंबई में दही हांडी के दौरान हादसा, उत्सव की तैयारियों के दौरान मालाड में ईंट का खंभा ढहने से 7 साल के बच्चे की मौत
दूसरी घटना नवी मुंबई के घनसोली गांव में घटी. यहां मानव पिरामिड ढहने से 34 वर्षीय स्वप्निल सदानंद नवार नामक गोविंदा गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
शहर भर के अस्पतालों में घायलों का इलाज
हांडी फोड़ने की होड़ और कई मंजिला मानव पिरामिड बनाने के दौरान संतुलन बिगड़ने से 200 से अधिक गोविंदा घायल हो गए. नगर निगम के मुख्य अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, घायलों में से अधिकांश को प्राथमिक उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया, जबकि दर्जनों गोविंदाओं को फ्रैक्चर और सिर की चोटों के चलते भर्ती रखा गया है.
दक्षिण और मध्य मुंबई के केईएम (KEM), सायन और नायर अस्पतालों में सबसे ज्यादा घायल गोविंदा पहुंचे. इसके अलावा उपनगरीय अस्पतालों जैसे राजावाड़ी और केबी भाभा अस्पताल में भी घायलों का इलाज जारी है.
बीएमसी और सुरक्षा इंतजाम
बीएमसी ने उत्सव से पूर्व ही अपने 16 उपनगरीय और 4 प्रमुख अस्पतालों में 105 से अधिक बेड आरक्षित रखे थे. डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को तीन शिफ्टों में तैनात किया गया था ताकि घायलों को तुरंत इलाज मिल सके.
महाराष्ट्र राज्य गोविंदा एसोसिएशन और राज्य सरकार ने भी सुरक्षा मानकों का पालन करने और सरकारी बीमा कवर के तहत घायलों को आर्थिक मदद प्रदान करने का आश्वासन दिया है. फिलहाल पुलिस प्रशासन दोनों हादसों की विस्तृत जांच कर रहा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 06, 2026 10:25 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

