Zomato, Swiggy Staff Strike: फूड डिलीवरी और अन्य चीजों की आज हो सकती है दिक्कत; नए साल पर मुंबई सहित देशभर में जोमैटो, स्विगी और अमेजन वर्कर्स हड़ताल पर
नए साल के जश्न की तैयारियों और अंतिम समय में ऑनलाइन फूड या ग्रॉसरी ऑर्डर करने वाले मुंबईकरों को आज भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. Tags
Zomato, Swiggy Staff Strike: नए साल के जश्न की तैयारियों और अंतिम समय में ऑनलाइन फूड या ग्रॉसरी ऑर्डर करने वाले मुंबईकरों को आज भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. अपनी विभिन्न मांगों को लेकर गिग और डिलीवरी वर्कर्स ने आज, 31 दिसंबर (न्यू ईयर ईव) को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है, जिसका व्यापक असर खासकर दिल्ली और मुंबई सहित अन्य बड़े शहरों में देखने को मिल रहा है.
यूनियन नेताओं ने क्या कहा
चूंकि साल का आखिरी दिन फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के लिए सबसे व्यस्त दिनों में से एक होता है, इसलिए इस हड़ताल के कारण Zomato, Swiggy, Blinkit, Zepto, Amazon और Flipkart जैसी सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है. यूनियन नेताओं के अनुसार, मुंबई में डिलीवरी पार्टनर्स पीक आवर्स के दौरान ऐप से 'लॉग-ऑफ' रहेंगे या काम करने की क्षमता को काफी कम कर देंगे, जिससे डिलीवरी में देरी या ऑर्डर कैंसिल होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं. यह भी पढ़े: Will Zomato, Swiggy, Flipkart, Amazon, Zepto and Blinkit Be Available on December 31? ३१ दिसंबर को गिग वर्कर्स की देशव्यापी हड़ताल,: क्या जोमैटो, स्विगी और एमेजॉन की सेवाएं होंगी ठप
क्यों हो रही है हड़ताल? (प्रमुख मांगें)
डिलीवरी वर्कर्स का आरोप है कि कंपनियां उनसे अधिक घंटों तक काम करा रही हैं, जबकि उनका पे-आउट (कमाई) लगातार कम हो रहा है. दक्षिण मुंबई के मरीन लाइन्स और कोलाबा जैसे इलाकों में डिलीवरी पार्टनर्स को विरोध प्रदर्शन के लिए इकट्ठा होते देखा गया. उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
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उचित पारिश्रमिक: गिरते हुए पे-आउट में सुधार और पारदर्शी वेतन प्रणाली.
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सुरक्षा और सुविधाएं: दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य कवर और पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा.
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असुरक्षित डिलीवरी मॉडल पर रोक: 10-20 मिनट जैसे 'फास्ट डिलीवरी' मॉडल को बंद करना, जो वर्कर्स की जान जोखिम में डालते हैं.
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खाता निलंबन पर रोक: बिना किसी ठोस कारण के आईडी (Account) ब्लॉक या डीएक्टिवेट करने की प्रक्रिया को बंद करना.
सरकार से हस्तक्षेप की मांग
यह हड़ताल तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन और इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (IFAT) द्वारा बुलाई गई है. IFAT ने केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र लिखकर प्लेटफॉर्म कंपनियों को श्रम कानूनों के दायरे में लाने और त्रिपक्षीय वार्ता (सरकार, कंपनी और यूनियन) शुरू करने की मांग की है.
यूनियन का दावा
यूनियन का दावा है कि 25 दिसंबर को हुई सांकेतिक हड़ताल के बाद कंपनियों ने संवाद करने के बजाय वर्कर्स को धमकियां दीं और उनके अकाउंट सस्पेंड कर दिए, जिसके विरोध में आज बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया जा रहा है.
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 31, 2025 02:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

