Latur Shocker: 'मां मुझे माफ़ करना', 2 मार्क से नहीं लग सकी पुलिस में नौकरी तो कर लिया सुसाइड, लातूर के युवक ने उठाया भयावह कदम
पुलिस बनने के लिए रात दिन मेहनत की,लेकिन 2 मार्क्स से पुलिस में भर्ती नहीं हो सका तो एक युवक ने आत्महत्या करके अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. ये दिल दहला देनेवाली घटना लातूर जिले से सामने आई है.
लातूर, महाराष्ट्र: पुलिस बनने के लिए रात दिन मेहनत की,लेकिन 2 मार्क्स से पुलिस में भर्ती नहीं हो सका तो एक युवक ने आत्महत्या करके अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. ये दिल दहला देनेवाली घटना लातूर के औसा तहसील के बोरफल गांव से सामने आई है. मृतक का नाम नागेश यादव था और वह महज 23 साल का था.
नागेश ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. उसने अपनी मौत से पहले एक लेटर भी लिखा है,' जिसमें लिखा है ,' आरक्षण होता तो पुलिस भर्ती में नौकरी लग जाती, मां मुझे माफ़ कर. इस घटना के बाद नागेश के परिवार में मातम छा गया है. नौकरी नहीं मिलने की वजह से एक युवा नौजवान ने अपनी जिंदगी समाप्त कर ली.ये भी पढ़े:Maharashtra: स्मार्टफोन न मिलने पर बेटे ने किया सुसाइड तो पिता ने भी फंदे से झूलकर दे दी जान
कई बार कर चूका था प्रयास
कई बार प्रयास करने के बावजूद नागेश का सपना अधुरा रह गया. इस बार वेटिंग लिस्ट में होने के बावजूद 2 मार्क्स के कारण उसे पुलिस की नौकरी नहीं लग सकी. जिसके कारण वह इतना निराश हो गया कि उसने मौत को गले लगा लिया. नागेश ने खेत में जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इसके बाद उसने मां के नाम एक लेटर भी लिखा.
नागेश के घर की हालत काफी खराब है
नागेश यादव के घर की हालत काफी खराब थी. उसके परिवार के पास केवल एक एकड़ खेत है. उसकी मां ने अपने बेटे को पुलिस बनाने के लिए कड़ी मेहनत की और पैसा भी खर्च किया. बताया जा रहा है कि पांच से छह परीक्षाओं में एक या दो मार्क्स के कारण उसका सिलेक्शन नहीं हो पाया. इस बार नागेश वेटिंग लिस्ट में था, लेकिन इस बार फिर 2 मार्क्स के कारण उसका सपना अधुरा रह गया. इसलिए नागेश अवसाद में आ गया और उसने आत्मघाती कदम उठा लिया.नागेश बिना किसी को बताए अपने खेत पर चला गया.उसने खेत में एक पेड़ से लटक कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. नागेश की आत्महत्या से उनके परिवार को गहरा सदमा लगा.नागेश के पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.
डिस्क्लेमर: अगर आप या आपका कोई प्रिय व्यक्ति मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो मदद लेना न भूलें.
आत्महत्या रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर: टेली मानस (स्वास्थ्य मंत्रालय) – 14416 या 1800 891 4416; निमहंस – + 91 80 26995000 /5100 /5200 /5300 /5400; पीक माइंड – 080-456 87786; वंद्रेवाला फाउंडेशन – 9999 666 555; अर्पिता आत्महत्या रोकथाम हेल्पलाइन – 080-23655557; आईकॉल – 022-25521111 और 9152987821; सीओओजे मानसिक स्वास्थ्य फाउंडेशन (सीओओजे) – 0832-2252525.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 13, 2025 03:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

