Yearender 2024: साल 2024 में भारत ने कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया, जिसने सैकड़ों लोगों की जान ले ली और हजारों की ज़िंदगियों को अस्त-व्यस्त कर दिया. इन आपदाओं में केरल के वायनाड जिले में जून में हुए भूस्खलन सबसे भयावह साबित हुए, जिसमें 400 से अधिक लोग मारे गए. यहां हम आपको 2024 की कुछ बड़ी आपदाओं के बारे में बता रहे हैं.
वायनाड भूस्खलन
30 जुलाई की रात वायनाड के चूरालमला और मुंडक्काई गांवों ने एक भीषण भूस्खलन को झेला. इस त्रासदी में कई किलोमीटर तक का क्षेत्र पूरी तरह से तबाह हो गया. प्रशासन ने आपातकालीन राहत शिविरों में लोगों को स्थानांतरित किया. इसके अलावा, किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा क्योंकि कई हेक्टेयर कृषि भूमि बर्बाद हो गई. भूस्खलन की इस आपदा में लगभग ₹1200 करोड़ का नुकसान हुआ. पुनर्वास सूची में अभी तक 388 परिवारों को शामिल किया गया है, लेकिन शिकायतें हैं कि कई पात्र परिवार छूट गए हैं.
साइक्लोन और बाढ़ की तबाही
इस साल भारत ने चक्रवातों और बाढ़ की भयानक आपदाओं का भी सामना किया. पश्चिम बंगाल से लेकर असम और दक्षिण भारत तक, हर क्षेत्र में प्रकृति का प्रकोप देखा गया.
चक्रवात रेमल (मई)
25 मई को चक्रवात रेमल ने पश्चिम बंगाल, मिजोरम, असम और मेघालय में कहर बरपाया. इस चक्रवात में पश्चिम बंगाल के 15,000 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए. मिजोरम में ₹237.6 करोड़ की सहायता मांगी गई. असम में 2 लाख लोग प्रभावित हुए और 3239 हेक्टेयर कृषि भूमि बर्बाद हो गई.
दाना
20 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी के दक्षिण में बना कम दबाव का क्षेत्र एक अवसाद में बदल गया और चक्रवाती तूफान दाना में बदल गया. धामरा और भितरकनिका के बीच आए इस तूफान के साथ भारी बारिश हुई और पश्चिम बंगाल में दो लोगों की जान चली गई. 2 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए.
असम बाढ़ (जुलाई)
असम में इस साल की बाढ़ में 117 लोग मारे गए. काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में 212 जानवरों की मौत हो गई, जिनमें 10 गैंडे भी शामिल थे. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इससे पहले संसद को बताया था कि 2019 से जुलाई 2024 तक असम में बाढ़ के कारण 880 मौतें दर्ज की गईं. राय ने कहा कि जुलाई 2024 तक 117, 2023 में 65, 2022 में 278, 2021 में 73, 2020 में 190 और 2019 में 157 मौतें दर्ज की गईं. बाढ़ ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में रहने वाले जानवरों को भी भारी नुकसान पहुंचाया. पार्क अधिकारियों के मुताबिक बाढ़ के कारण यहां 10 गैंडों समेत 212 जंगली जानवर मारे गए.
चक्रवात फेंगल (नवंबर)
30 नवंबर को आए फेंगल चक्रवात ने दक्षिण भारत में तबाही मचाई. तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में भारी नुकसान हुआ. 4906 लोगों को राहत शिविरों में ले जाया गया. 860 घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए.
विजयवाड़ा बाढ़
सितंबर की शुरुआत में आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा शहर में भारी बारिश के कारण बाढ़ आ गई, जिसमें 45 लोगों की मौत हो गई और 2.5 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए. विजयवाड़ा में बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बुदुमेरु नदी के टूटने को रोकने के लिए सेना को बुलाया गया, जबकि मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बिगड़ती स्थिति के लिए पिछली सरकार की लापरवाही को दोषी ठहराया.
हिमाचल में बादल फटना और बाढ़ (जून-अगस्त)
हिमाचल प्रदेश में बादल फटने और फ्लैश फ्लड की 51 घटनाएं दर्ज की गईं, जो 27 जून को आई थी और 16 अगस्त तक कुल 31 लोग मारे गए और 33 अन्य लापता हो गए. राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र ने बताया कि लाहौल और स्पीति में सबसे अधिक 22 ऐसी घटनाएं हुईं, इसके बाद किन्नौर में 11 और ऊना में छह घटनाएं दर्ज की गईं. कुल्लू और मंडी में तीन-तीन, सिरमौर में दो और चंबा, हमीरपुर, शिमला और सोलन जिलों में एक-एक घटनाएं दर्ज की गईं.












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