Women Reservation Bill: क्या लोकसभा से भी पास हो जाएगा महिला आरक्षण बिल? सोनिया गांधी से सवाल पूछे जाने पर कहा, 'यह हमारा है'- VIDEO
कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लंबे समय से प्रतीक्षित महिला आरक्षण विधेयक को मंजूरी दिए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "यह हमारा है."
नई दिल्ली, 19 सितंबर: कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लंबे समय से प्रतीक्षित महिला आरक्षण विधेयक को मंजूरी दिए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "यह हमारा है." मंगलवार सुबह संसद पहुंचने के बाद सोनिया गांधी का तीखा जवाब आया. यह भी पढ़ें: HC on Right To Choose Their Life Partner: दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, हर किसी को अपना जीवनसाथी चुनने का है हक, चाहे किसी भी धर्म का हो
जब उनसे महिला आरक्षण विधेयक दोबारा संसद में लाए जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'यह हमारा है, अपना है.' उनकी टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण प्रदान करने के लिए संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी देने के एक दिन बाद आई है, इससेे संसद के चल रहे विशेष सत्र में ऐतिहासिक विधेयक पेश करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है.
देखें वीडियो:
#WATCH | On the Women's Reservation Bill, Congress Parliamentary Party Chairperson Sonia Gandhi says "It is ours, Apna Hai" pic.twitter.com/PLrkKs0wQo
— ANI (@ANI) September 19, 2023
कांग्रेस ने हाल ही में संपन्न दो दिवसीय कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था ने अपने प्रस्ताव में महिला आरक्षण विधेयक को संसद के विशेष सत्र में पारित करने की मांग की थी.
सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, एनसीपी नेता सुप्रिया सुले, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने विशेष सत्र में विधेयक पारित करने की मांग की.
महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का विधेयक सबसे पहले 1996 में एच.डी. देवगौड़ा सरकार द्वारा पेश किया गया था. कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार ने 2008 में इस कानून को फिर से पेश किया. रूप में जाना जाता है.
यह कानून 2010 में राज्यसभा द्वारा पारित किया गया था, लेकिन यह लोकसभा में पारित नहीं हो सका और 2014 में इसके विघटन के बाद यह समाप्त हो गया.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 19, 2023 10:40 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

