क्या ट्रंप के टैरिफ से रूक जाएगी भारत की अर्थव्यवस्था की रफ्तार? RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने दिया ये जवाब
RBI Governor Sanjay Malhotra | PTI

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की ताजा बैठक में गवर्नर संजय मल्होत्रा (Sanjay Malhotra) की अध्यक्षता में यह फैसला लिया गया कि रेपो रेट को वर्तमान स्तर पर ही बनाए रखा जाएगा. साथ ही वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ अनुमान भी 6.5% पर बरकरार रखा गया है. हालांकि गवर्नर मल्होत्रा ने अमेरिका का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन यह साफ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा लगाए गए नए टैरिफ और वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितताओं ने भारत की अर्थव्यवस्था पर खतरे की घंटी बजा दी है.

RBI गवर्नर कहा, “बाहरी मांग की संभावनाएं फिलहाल अस्थिर हैं. चल रही टैरिफ घोषणाओं और व्यापार वार्ताओं के बीच स्थिति अनिश्चित बनी हुई है.”

ग्रोथ पर असर पहले ही आंका जा चुका है

जब एक पत्रकार ने पूछा कि अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ का देश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा, तो गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि RBI पहले ही अपने जीडीपी ग्रोथ अनुमान को 6.7% से घटाकर 6.5% कर चुका है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ वैश्विक अनिश्चितताओं को इस संशोधित अनुमान में पहले ही शामिल किया जा चुका है.

"अभी भविष्यवाणी करना मुश्किल": मल्होत्रा

गवर्नर ने कहा, “फिलहाल पर्याप्त डेटा नहीं है जिससे हम यह तय कर सकें कि टैरिफ का भारत पर असल असर क्या होगा. हम लगातार डेटा पर नजर बनाए हुए हैं और समय आने पर उचित निर्णय लेंगे.” उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा समय में वैश्विक स्थिति इतनी अस्थिर है कि स्पष्ट अनुमान लगाना बेहद मुश्किल है.

सेवाओं के क्षेत्र में उम्मीद, लेकिन जोखिम भी बहुत

मल्होत्रा ने कहा कि निर्माण और व्यापार जैसे क्षेत्रों में मजबूती के चलते सेवा क्षेत्र आने वाले महीनों में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है. हालांकि, उन्होंने साथ ही यह भी चेताया कि दीर्घकालिक भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक अनिश्चितताएं और वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव भारत की ग्रोथ पर असर डाल सकते हैं.