West Bengal Liquor Sales Ban: दुर्गा पूजा पर सरकार का बड़ा फैसला, महाअष्टमी के दिन शराब की बिक्री और बार रहेंगे बंद
पश्चिम बंगाल सरकार ने आगामी दुर्गा पूजा के अवसर पर महाअष्टमी के दिन राज्यभर में शराब की बिक्री और बार के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का बड़ा निर्णय लिया है.
West Bengal Liquor Sales Ban: पश्चिम बंगाल सरकार ने आगामी दुर्गा पूजा उत्सव को लेकर कई प्रमुख और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि महाअष्टमी के अवसर पर राज्य की सभी शराब दुकानें और बार पूरी तरह से बंद रहेंगे. कोलकाता में पूजा समितियों के साथ आयोजित एक उच्च स्तरीय समन्वय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने इस निर्णय की जानकारी दी. सरकार का यह कदम त्योहार के सबसे पवित्र दिन पर धार्मिक मर्यादा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है.
महाअष्टमी पर शराब बिक्री पर रोक
दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान महाअष्टमी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है, जब श्रद्धालु माँ दुर्गा को पुष्पांजलि अर्पित करते हैं. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस दिन राज्य में किसी भी दुकान या बार में शराब की बिक्री की अनुमति नहीं होगी. राज्य के इतिहास में यह पहला अवसर है जब पूजा के दौरान महाअष्टमी के दिन इस प्रकार का पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जा रहा है. यह भी पढ़े: दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं देने के लिए भेजें ये हिंदी Wishes, Quotes, WhatsApp Messages और Greetings
दुर्गा पूजा पर सरकार का बड़ा फैसला
विसर्जन जुलूस में डीजे पर प्रतिबंध और कार्निवल समाप्त
शराब बिक्री पर रोक के अलावा, प्रशासन ने विसर्जन जुलूसों के दौरान डीजे संगीत के उपयोग पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. इसके साथ ही पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में शुरू किए गए वार्षिक 'दुर्गा पूजा कार्निवल' को भी इस वर्ष से समाप्त करने का फैसला लिया गया है.
मुख्यमंत्री ने पूजा समितियों से आग्रह किया है कि वे मूर्तियों, पंडालों और थीम के निर्माण में पारंपरिक सनातन संस्कृति और जनभावनाओं का ध्यान रखें. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि विसर्जन की प्रक्रिया लक्ष्मी पूजा से पूर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कर ली जाए.
पूजा समितियों के लिए वित्तीय सहायता और नियम
राज्य सरकार ने आवश्यकता वाले पूजा आयोजकों को राहत देते हुए 1 लाख रुपये के अनुदान, मुफ्त बिजली आपूर्ति और अग्निशमन लाइसेंस शुल्क में छूट की घोषणा की है. हालांकि, मुख्यमंत्री ने आर्थिक रूप से सक्षम और बड़े बजट वाले पूजा आयोजकों से अपील की है कि वे सरकारी अनुदान लेने से बचें ताकि जरूरतमंद समितियों को ही सहायता मिल सके. यातायात प्रबंधन को सुगम बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों और शहर की प्रमुख सड़कों पर पंडाल निर्माण पर भी रोक लगाई गई है.