West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे, 25 साल बाद इतना छोटा चुनावी कार्यक्रम
वर्ष 2006 में पांच चरण, 2011 में छह चरण, 2016 में सात चरण और 2021 के विधानसभा चुनाव में आठ चरणों में वोटिंग कराई गई थी. लोकसभा चुनावों में भी पश्चिम बंगाल में मतदान कई चरणों में हुआ है. 2014 में पांच चरण, 2019 में सात चरण और 2024 के लोकसभा चुनाव में भी सात चरणों में मतदान संपन्न हुआ था.
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर भारतीय चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है. आयोग ने घोषणा की है कि इस बार राज्य में मतदान सिर्फ दो चरणों में कराया जाएगा. खास बात यह है कि करीब 25 साल बाद पश्चिम बंगाल में इतने कम चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे. साल 2001 में आखिरी बार पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव एक ही चरण में हुए थे. इसके बाद हुए सभी चुनावों में मतदान कई चरणों में कराया गया. Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल सहित 5 राज्यों में वोटिंग कब? आज शाम 4 बजे चुनाव आयोग कर सकता है ऐलान
वर्ष 2006 में पांच चरण, 2011 में छह चरण, 2016 में सात चरण और 2021 के विधानसभा चुनाव में आठ चरणों में वोटिंग कराई गई थी. लोकसभा चुनावों में भी पश्चिम बंगाल में मतदान कई चरणों में हुआ है. 2014 में पांच चरण, 2019 में सात चरण और 2024 के लोकसभा चुनाव में भी सात चरणों में मतदान संपन्न हुआ था.
मुख्य चुनाव आयुक्त ने दी जानकारी
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि सभी पक्षों से चर्चा करने के बाद आयोग ने इस बार पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव कराने का फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और हिंसा मुक्त बनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जाएंगे.
विपक्षी दलों की मांग को मिली मंजूरी
दरअसल इस महीने की शुरुआत में भारतीय चुनाव आयोग की पूरी टीम पश्चिम बंगाल के दौरे पर गई थी. उस दौरान सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर ज्यादातर राजनीतिक दलों ने चुनाव एक या दो चरणों में कराने की मांग की थी. अब आयोग ने दो चरणों में चुनाव कराने का फैसला लेकर विपक्षी दलों के सुझाव को काफी हद तक स्वीकार कर लिया है.
केंद्रीय सुरक्षा बलों की बड़ी तैनाती संभव
अब सबसे बड़ा सवाल चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का है. चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की बड़ी तैनाती की जाएगी. 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में सात चरणों में मतदान हुआ था, जिसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 1,099 कंपनियां तैनात की गई थीं.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, अगर इस बार मतदान दो चरणों में कराया जाता है तो सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 2,250 से 2,500 कंपनियों की जरूरत पड़ सकती है. ऐसे में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और सभी दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं.