नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के निवासियों के लिए शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 की सुबह राहत भरी रही. पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश (Heavy Rain) के बाद आज सुबह आसमान में छाए बादल, ठंडी हवाओं और उमस में आई कमी के कारण मौसम काफी सुहावना दर्ज किया गया. हालांकि, राहत का यह दौर लंबा नहीं होने वाला है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) (IMD) ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और उत्तराखंड (Uttarakhand) के कई हिस्सों में फिर से भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है. इसके विपरीत, पिछले दिनों भारी बारिश का सामना कर चुके मुंबई और महाराष्ट्र के कई अन्य हिस्सों में मानसून की रफ्तार अब धीमी पड़ने की उम्मीद है. यह भी पढ़ें: दिल्ली-NCR में आफत की बारिश: जलभराव और भारी ट्रैफिक जाम से थमी रफ्तार; ईस्ट ऑफ कैलाश में गिरे विशाल पेड़, मौसम विभाग का 'रेड अलर्ट' (Watch Videos)
दिल्ली-एनसीआर में 'ऑरेंज अलर्ट'; कल से मिलेगी राहत
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जिसका अर्थ है कि दिन के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है.
राहत की बात यह है कि आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में बारिश की यह तीव्रता शनिवार, 11 जुलाई 2026 से धीरे-धीरे कम होने लगेगी. दोपहर और शाम के बाद से केवल छिटपुट स्थानों पर ही गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है.
उत्तर प्रदेश के इन जिलों में 'रेड अलर्ट' की चेतावनी
उत्तर प्रदेश (UP) में मानसून इस समय अपने पूरे शबाब पर है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका को देखते हुए 'रेड और ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है:
- रेड अलर्ट (अत्यधिक भारी बारिश): मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत, बदायूं, संभल और ज्योतिबा फुले नगर (अमरोहा)। इन जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.
- ऑरेंज अलर्ट (भारी बारिश): सीतापुर, हरदोई, बुलंदशहर, सहारनपुर, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर और हापुड़.
पिछले दो दिनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नोएडा और गाजियाबाद में लगातार हुई बारिश के कारण रिहायशी इलाकों में जलभराव हो गया था, जिससे निपटने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है.
महाराष्ट्र में कमजोर पड़ेगा मानसून, पुणे-सतारा अब भी संवेदनशील
महाराष्ट्र के लिए राहत की खबर यह है कि शुक्रवार से राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी बारिश की गतिविधि कमजोर होने की उम्मीद है. मुंबई सहित ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की ही संभावना है.
हालांकि, आईएमडी ने पुणे और सतारा जिलों के लिए अब भी 'ऑरेंज अलर्ट' बरकरार रखा है. इसके अतिरिक्त, रायगढ़, कोल्हापुर, बुलढाणा, अकोला, अमरावती, नागपुर, चंद्रपुर और गढ़चिरौली जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है, जिसके तहत स्थानीय लोगों को संभलकर बाहर निकलने की सलाह दी गई है.
पूरे देश में पहुंचा मानसून, सामान्य तिथि से महज एक दिन की देरी
मौसम विभाग ने एक बड़ा अपडेट साझा करते हुए बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) उत्तरी अरब सागर के शेष हिस्सों के साथ-साथ राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में भी पूरी तरह आगे बढ़ चुका है.
इसके साथ ही, 9 जुलाई 2026 को मानसून ने आधिकारिक तौर पर पूरे देश को कवर कर लिया. भारत में मानसून के पूरे देश में पहुंचने की सामान्य तिथि 8 जुलाई मानी जाती है. इस लिहाज से इस वर्ष मानसून महज एक दिन की देरी से अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचा है, जो कृषि और देश के जलाशयों के लिए एक सकारात्मक संकेत है.
पिछले दो दिनों की बारिश से बिगड़े थे हालात
गौरतलब है कि पिछले 48 घंटों के दौरान दिल्ली-एनसीआर, विशेषकर गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा था. गुरुग्राम के कई प्रमुख एक्सप्रेस-वे तालाब में तब्दील हो गए थे, जिसके कारण मील लंबा ट्रैफिक जाम लग गया था. जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए साइबर सिटी (गुरुग्राम) की कई निजी कंपनियों ने एहतियात के तौर पर अपने कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम करने) की सलाह दी थी. इसके अलावा गाजियाबाद और बुलंदशहर जैसे जिलों में प्रशासन ने आज एहतियातन स्कूलों में छुट्टी भी घोषित की है.













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