नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में रात भर से जारी मूसलाधार बारिश (Heavy Rain) ने आज, 9 जुलाई 2026 को सुबह के समय रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया. सुबह दफ्तर और काम पर निकलने वाले लोगों को शहर के अधिकांश हिस्सों में भारी जलभराव और भीषण ट्रैफिक जाम (Traffic Jam) का सामना करना पड़ा. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है और गरज-चमक के साथ लगातार मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी है. मानसून की इस पहली बड़ी बारिश ने नगर निगमों के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी है, जिससे सड़कों पर गाड़ियां आधी डूब गईं और पूरा महानगरीय इलाका थम सा गया. यह भी पढ़ें: Weather Forecast: उत्तर और मध्य भारत में सक्रिय हुआ मानसून, दिल्ली-NCR सहित कई राज्यों में भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट
जलभराव से प्रमुख यातायात मार्ग पूरी तरह ठप
सुबह के समय प्रमुख सड़कों के तालाब में तब्दील हो जाने के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई. महरौली-बदरपुर (MB) रोड शहर के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में से एक रहा, जहां पानी का स्तर इतना बढ़ गया कि वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह रोकना पड़ा. जलभराव के कारण कई गाड़ियां और दोपहिया वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए, जिससे पानी के नीचे छिपे गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया.
इसके अलावा, दिल्ली को उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग, नेशनल हाईवे-24 (NH-24) पर गाजीपुर और अक्षरधाम मंदिर के पास भारी जलजमाव दर्ज किया गया. इस महत्वपूर्ण मार्ग पर पानी भरने से गाड़ियां रेंगती नजर आईं. स्थिति को संभालने और जल निकासी के लिए स्थानीय ट्रैफिक पुलिस और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के कर्मचारियों को तैनात किया गया है.
दिल्ली-NCR में भारी बारिश का कहर
Heavy rain cripples Delhi, triggers widespread waterlogging; IMD issues red alert
The IMD said moderate to heavy rainfall accompanied by thunderstorms and lightning is likely to continue through the day. pic.twitter.com/JVb7tHOuhU
— Shakeel Yasar Ullah (@yasarullah) July 9, 2026
For residents of Delhi, Gurugram, Noida, and Ghaziabad (NCR), the rain has brought not just relief but also the trouble of traffic jams.
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— SANJEEV CHAUHAN (@SanjeevCrime) July 9, 2026
ईस्ट ऑफ कैलाश में लगातार दूसरे दिन गिरे विशाल पेड़
दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाके ईस्ट ऑफ कैलाश के राजा धीर सिंह मार्ग पर कल देर रात लगातार दूसरे दिन दो विशाल पेड़ उखड़कर सड़क पर गिर गए. ये दोनों पेड़ महज 600 मीटर की दूरी के भीतर गिरे हैं—इनमें से एक इस्कॉन (ISKCON) मंदिर के पास और दूसरा नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के ठीक समीप गिरा.
इस हादसे में एक गाड़ी भारी मलबे और टहनियों के नीचे दबकर क्षतिग्रस्त हो गई. हालांकि, अस्पताल के पास आमतौर पर पैदल यात्रियों की भारी भीड़ होने के बावजूद गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ. इससे पहले मंगलवार को भी इसी मार्ग पर एक पेड़ गिरने से दो लग्जरी कारें मलबे में दब गई थीं. आपदा प्रबंधन की टीमें क्रेन की मदद से पेड़ के तनों को हटाने और रास्ता साफ करने में जुटी हैं.
नोएडा और गाजियाबाद के रिहायशी इलाकों में घुसा पानी
बारिश के कारण इंफ्रास्ट्रक्चर की यह चुनौती दिल्ली की सीमा पार कर एनसीआर के सैटेलाइट शहरों तक भी पहुंच गई. नोएडा के सेक्टर 75 में आंतरिक और सोसायटियों की सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं, जिससे सुबह लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया. वहीं, गाजियाबाद के इंदिरापुरम और अभय खंड जैसे इलाकों में घुटनों तक पानी भर जाने के कारण स्थानीय निवासियों और पैदल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान सफदरजंग मौसम केंद्र में 72.6 मिमी और लोधी रोड पर 80.2 मिमी की भारी बारिश दर्ज की गई है. हालांकि, इस लगातार हो रही बारिश से तापमान में भारी गिरावट आई है और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, लेकिन हर साल मानसून के दौरान ड्रेनेज सिस्टम के फेल होने से नागरिक प्रशासन के खिलाफ जनता में भारी नाराजगी है.













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