'पानी रोका तो हम तुम्हारी सांसें रोक देंगे', खुलेआम आतंकी हाफिज सईद की भाषा बोलने लगी PAK आर्मी | Video
पाकिस्तान की सेना ने एक बार फिर भारत के खिलाफ उकसावे वाली भाषा का इस्तेमाल किया है. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने भारत को धमकी दी कि “अगर आपने हमारा पानी रोका… तो हम आपकी सांस रोक देंगे.”
पाकिस्तान की सेना ने एक बार फिर भारत के खिलाफ उकसावे वाली भाषा का इस्तेमाल किया है.
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने भारत को धमकी दी कि “अगर आपने हमारा पानी रोका… तो हम आपकी सांस रोक देंगे.” यह बयान सुनते ही हर किसी को याद आ गया लश्कर-ए-तैयबा के सरगना और 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का वही पुराना वीडियो जिसमें उसने ठीक यही शब्द कहे थे. इस बयान से एक बार फिर साफ हो गया है कि पाकिस्तान की सेना और आतंकवादियों की भाषा एक जैसी है.
जनरल अहमद शरीफ की धमकी ने एक बार फिर दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि
क्या पाकिस्तान की सेना अब खुलेआम आतंकवादियों के शब्दों का इस्तेमाल करने लगी है?
हाफिज सईद, जिसे अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किया गया है, उसी के शब्द सेना का प्रवक्ता बोल रहा है. तुम हमारा पानी बंद कर दोगे हम तुम्हारा सांस बंद कर देंगे../ क्या ये भाषा किसी जिम्मेदार देश की सेना की हो सकती है?
आतंक के आकाओं के शब्द दोहराने लगी पाक आर्मी
सिंधु जल संधि पर भारत का कड़ा कदम
यह विवाद सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर शुरू हुआ. भारत ने 23 अप्रैल को हुए पहुलगाम आतंकी हमले के अगले ही दिन इस संधि के कुछ हिस्सों को निलंबित कर दिया था. इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी, और भारत ने साफ कहा, “अब खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते. और जब तक आतंकवाद जारी रहेगा, बातचीत भी नहीं होगी.”
ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान पर कड़ा एक्शन
भारत ने पाकिस्तान को चेतावनी देने के साथ-साथ जमीनी कार्रवाई भी की. 7 मई को भारतीय सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया यह पहली बार था जब भारत ने आतंकवाद के जवाब में सीधे सिंधु जल समझौते को भी रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया.
सिंधु जल संधि, जिसे 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से बनाया गया था, अब खतरे में है. भारत की ओर से यह संदेश साफ है, "आतंक को पालोगे तो समझौते भी खत्म होंगे."