Fact Check: अहमदाबाद प्लेन क्रैश होने का कारण टेकऑफ के दौरान पायलट सीट में खराबी थी? व्हाट्सएप पर वायरल इस मैसेज को पीआईबी ने बताया फर्जी
साल 2025 की जून की 12 तारीख को कोई भी भूल नहीं सकता है. इस दिन अहमदाबाद में प्लेन क्रैश हुआ. जिसमें 270 के करीब लोगों ने अपनी जान गंवाई. सोशल मीडिया पर हादसों के कारणों को लेकर लगातार फेक मैसेज सोशल मीडिया पर दिखाई दे रहे है.
PIB Fact Check: साल 2025 की जून की 12 तारीख को कोई भी भूल नहीं सकता है. इस दिन अहमदाबाद में प्लेन क्रैश हुआ. जिसमें 270 के करीब लोगों ने अपनी जान गंवाई. सोशल मीडिया पर हादसों के कारणों को लेकर लगातार फेक मैसेज सोशल मीडिया पर दिखाई दे रहे है. ऐसा ही एक मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि 12 जून को अहमदाबाद में एयर इंडिया फ्लाइट AI‑171 की दुर्घटना टेकऑफ के दौरान पायलट सीट में खराबी के कारण हुई. इस मैसेज को एक प्राइमरी जांच रिपोर्ट बताकर फैलाया जा रहा है. इस मैसेज और इसके दावे को पीआईबी ने फर्जी बताया है.सरकारी सूचना एजेंसी पीआईबी फैक्ट चेक ने इस वायरल दावे को झूठा और भ्रामक बताया है.
उन्होंने साफ किया कि ऐसा कोई बयान या रिपोर्ट किसी आधिकारिक एजेंसी की ओर से जारी नहीं किया गया है. न ही एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरोने अब तक इस दुर्घटना से संबंधित कोई जांच रिपोर्ट जारी की है. ये भी पढ़े:Ahmedabad Plane Crash: क्या डबल इंजन फेल होने से क्रैश हुआ Air India का विमान? PIB ने बताया सच
मैसेज और दावे को बताया पीआईबी ने फर्जी
A #WhatsApp message, claiming to be a preliminary report on the crash of Air India Flight AI-171, is circulating widely.
❌ This message is #Fake
⚠️Always rely on official sources for accurate information pic.twitter.com/ikbVRv5r1q
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 21, 2025
अफवाहों से बचें
PIB ने यह भी स्पष्ट किया कि AI‑171 हादसे की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है, और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाज़ी होगी.वायरल मैसेज में जिन तथ्यों का जिक्र किया गया है, वे अन्य घटनाओं से उठाकर जोड़ दिए गए हैं, जिससे लोगों में गंभीर भ्रम और अफवाहें फैल रही हैं.
आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें
सरकारी एजेंसियों और जांच अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें. फर्जी या बिना पुष्टि की गई सूचनाएं फैलाना दंडनीय अपराध हो सकता है और इससे जांच प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 21, 2025 02:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

