Voter List Verification: SIR क्या है? मतदाता सूची में नाम जांचने और ऑनलाइन आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया जानें
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 Voter List Verification:  देश में मतदाता सूचियों (Electoral Rolls) को पूरी तरह सटीक और अद्यतन (अपडेट) बनाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (Special Intensive Revision - SIR) कार्यक्रम चलाया जा रहा है. यह प्रक्रिया वर्तमान में कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में तेजी से जारी है. इस अभियान के तहत जहां बूथ लेवल अधिकारी (BLOs) घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन कर रहे हैं, वहीं आयोग ने नागरिकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन माध्यम से भी 'एनुमरेशन फॉर्म' (Enumeration Form) जमा करने का विकल्प प्रदान किया है. इसके जरिए योग्य मतदाता घर बैठे ही अपने विवरण को डिजिटल रूप से जांच और सुधार सकते हैं.

क्या है स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और यह क्यों जरूरी है?

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) निर्वाचन आयोग द्वारा चलाया जाने वाला एक व्यापक और गहन अभियान है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची की त्रुटियों को दूर करना है. इसके तहत:   यह भी पढ़े:  How To Fill SIR Form Online: घर बैठे ऑनलाइन भरें SIR फॉर्म, जानिए वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन की पूरी प्रक्रिया

  • ऐसे मतदाताओं की पहचान कर उनके नाम हटाए जाते हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो स्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित (Shift) हो चुके हैं.

  • डुप्लीकेट या दोहरी प्रविष्टियों को हटाकर मतदाता सूची को पारदर्शी बनाया जाता है.

  • नए योग्य नागरिकों (विशेषकर जिनकी उम्र 18 वर्ष पूरी हो चुकी है) के नाम जोड़े जाते हैं.

  • मौजूदा मतदाताओं के नाम, पते, उम्र या पोलिंग स्टेशन से जुड़ी गलतियों को सुधारा जाता है.

महत्वपूर्ण तारीखें और समय-सारणी

निर्वाचन आयोग ने इस विशेष अभियान के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की है:

  • घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन (Door-to-door Enumeration): 30 जून से 29 जुलाई तक.

  • प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन (Draft Electoral Rolls): 5 अगस्त.

  • दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि: 5 अगस्त से 4 सितंबर.

  • अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन (Final Electoral Rolls): 10 अक्टूबर (विभिन्न राज्यों की अधिसूचना के आधार पर इसमें मामूली बदलाव हो सकता है).

ध्यान दें: नए नियमों के अनुसार, यदि कोई नया मतदाता ऑनलाइन फॉर्म भरता है, तो उसे अपने माता-पिता के पिछले 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) रिकॉर्ड या उनके वोटर आईडी (EPIC) की जानकारी भी साझा करनी होगी.

घर बैठे 'SIR एनुमरेशन फॉर्म' ऑनलाइन भरने की चरणबद्ध प्रक्रिया

यदि आपके क्षेत्र में भी यह प्रक्रिया चल रही है, तो आप नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके निर्वाचन आयोग के 'सिटिजन सर्विस पोर्टल' के माध्यम से अपना फॉर्म ऑनलाइन जमा कर सकते हैं:

  • स्टेप 1: सबसे पहले भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक मतदाता सेवा पोर्टल voters.eci.gov.in पर जाएं.

  • स्टेप 2: होमपेज पर दिए गए 'Special Intensive Revision (SIR)' सेक्शन के अंतर्गत 'Fill Enumeration Form' विकल्प पर क्लिक करें.

  • स्टेप 3: अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर का उपयोग करके लॉगिन करें. यदि आप पहली बार पोर्टल पर आए हैं, तो नया अकाउंट (Sign Up) बनाएं.

  • स्टेप 4: आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) आएगा, इसे दर्ज करके अपनी पहचान सत्यापित करें.

  • स्टेप 5: लॉगिन होने के बाद अपने राज्य का चयन करें और अपना वोटर आईडी कार्ड नंबर (EPIC Number) दर्ज कर सर्च बटन पर क्लिक करें.

  • स्टेप 6: स्क्रीन पर आपका पहले से भरा हुआ विवरण दिखाई देगा. इसे ध्यान से जांचें. यदि कोई बदलाव करना है, तो उसे अपडेट करें.

  • स्टेप 7: यदि लागू हो या अधिकारी द्वारा कोई विसंगति पाए जाने पर नोटिस दिया गया हो, तो संबंधित पहचान या निवास से जुड़े सहायक दस्तावेजों को स्कैन कर अपलोड करें.

  • स्टेप 8: सभी विवरणों को अच्छी तरह जांचने के बाद घोषणा पत्र (Declaration) को स्वीकार करें और फॉर्म को सबमिट कर दें.

  • स्टेप 9: सबमिशन के बाद स्क्रीन पर मिलने वाले रसीद नंबर (Acknowledgement Number) को नोट कर लें या डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें. इसके जरिए आप भविष्य में अपने आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकेंगे.

ऑनलाइन विकल्प का महत्व

आयोग द्वारा दी गई ऑनलाइन सुविधा उन कामकाजी और शहरी मतदाताओं के लिए बेहद मददगार है जो घर पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के आने के समय उपलब्ध नहीं रह पाते. हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के विवरण ऑनलाइन सत्यापित नहीं हो पाते हैं या जो तकनीक से सहज नहीं हैं, उनके लिए बीएलओ का घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करने का कार्य समानांतर रूप से जारी रहेगा. चुनावी प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने विवरण की जांच अवश्य कर लेनी चाहिए.