Uttarakhand: भारी बारिश से कोहराम, सड़कें टूटी, रेल लाइन ध्वस्त- अमित शाह आज करेंगे प्रभावित क्षेत्र का दौरा
उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. इस तबाही से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 52 लोगों की मौत हो चुकी है और अभी रेस्क्यू ऑपरेशन भी जारी है. राज्य के पहाड़ी इलाकों में सड़कें टूट गई हैं. जगह-जगह पहाड़ टूट कर मलबे के ढेर में बदल गए हैं.
देहरादून: उत्तराखंड (Uttarakhand) में मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. इस तबाही से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 52 लोगों की मौत हो चुकी है और अभी रेस्क्यू ऑपरेशन भी जारी है. राज्य के पहाड़ी इलाकों में सड़कें टूट गई हैं. जगह-जगह पहाड़ टूट कर मलबे के ढेर में बदल गए हैं. बारिश के चलते हुए भूस्खलन से अनेक सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं और अनेक गांवों में बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई है. नैनीताल में नैनी झील का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि उसका पानी सड़क तक पहुंच गया. इस तबाही को देखकर हर कोई हैरान है. Viral Video: उत्तराखंड में उफनती नदी में फंसा हाथी, वायरल वीडियो में देखें कैसे गजराज ने सूझ-बूझ से बचाई अपनी जान.
भारी बारिश से काठगोदाम रेलवे स्टेशन की लाइन का कुछ हिस्सा भू कटाव के चलते गौला नदी में समा गया. इस कारण काठगोदाम स्टेशन को आने और जाने वाली ट्रेनों का संचालन बंद है. भारी बारिश से प्रभावित उत्तराखंड में बुधवार को छह और शव बरामद किए गए, जिससे राज्य में मरने वालों की संख्या बढ़कर 52 हो गई. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पांच लोग अब भी लापता हैं तथा बारिश से जुड़ी घटनाओं में 17 लोग घायल हुए हैं.
एक आधिकारिक बयान के अनुसार ज्यादातर लोगों की मौत मकानों के गिरने के कारण हुईं. नैनीताल जिले में ही 28 लोगों की मौत हुई है. उत्तराखंड में लापता लोगों के आधिकारिक आंकड़ों में एक ट्रेकिंग टीम के वे 11 सदस्य शामिल नहीं हैं जो उत्तरकाशी से रवाना हुए थे, लेकिन पड़ोसी हिमाचल प्रदेश के चितकुल में अपने गंतव्य पर नहीं पहुंच पाए.
एक असंबंधित घटना में, भारत-चीन सीमा के पास एक आईटीबीपी गश्ती दल के साथ जा रहे तीन कुली बर्फ में दब गए और उन्हें मृत माना जा रहा है. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने कहा कि उसने उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों से सैकड़ों लोगों को बचाया है. बल ने राज्य में 17 बचाव दल तैनात किए हैं.
एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने अब तक उधम सिंह नगर और नैनीताल से 1,300 से अधिक फंसे लोगों को निकाला है. वे उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री भी वितरित कर रहे हैं.’’ उन्होंने कहा कि उधम सिंह नगर में छह, उत्तरकाशी और चमोली में दो-दो तथा देहरादून, चम्पावत, पिथौरागढ़ और हरिद्वार में एक-एक टीम को तैनात किया गया है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कुमाऊं के बारिश प्रभावित इलाकों का दौरा किया और अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 20, 2021 11:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

