Uttar Pradesh Bans Analogue Paneer, Ghee And Khoya: उत्तर प्रदेश में एनालॉग पनीर, घी और खोया पर बैन, जानें किन-किन राज्यों ने पहले ही उठाया था ऐसा कदम

उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक, दूध और डेयरी उत्पादों में रिफाइंड तेल, वनस्पति वसा, सोया उत्पाद, टैल्कम पाउडर, डिटर्जेंट, टाइटेनियम डाइऑक्साइड, लिक्विड ग्लूकोज, हाइड्रोजन पेरॉक्साइड और अन्य रासायनिक पदार्थों की मिलावट पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है. सरकार का कहना है कि ऐसे उत्पाद लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं.

Uttar Pradesh Bans Analogue Paneer, Ghee and Khoya: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्यभर में एनालॉग डेयरी उत्पादों जैसे पनीर, घी और खोया की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) को मिलावटी और नकली डेयरी उत्पाद बनाने व बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. हाल के दिनों में राज्य के कई जिलों में जांच के दौरान दूध और डेयरी उत्पादों में मिलावट के मामले सामने आए थे. इसी के बाद सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है. यह भी पढ़ें: Analogue Paneer Banned In Maharashtra: महाराष्ट्र में एनालॉग पनीर पर पूरी तरह प्रतिबंध, बनाने-बेचने वालों को हो सकती है 6 महीने की जेल और ₹1 लाख तक जुर्माना

उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक, दूध और डेयरी उत्पादों में रिफाइंड तेल, वनस्पति वसा, सोया उत्पाद, टैल्कम पाउडर, डिटर्जेंट, टाइटेनियम डाइऑक्साइड, लिक्विड ग्लूकोज, हाइड्रोजन पेरॉक्साइड और अन्य रासायनिक पदार्थों की मिलावट पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है. सरकार का कहना है कि ऐसे उत्पाद लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं.

क्या होते हैं एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट?

एनालॉग डेयरी उत्पाद ऐसे खाद्य पदार्थ होते हैं जो देखने और स्वाद में दूध से बने उत्पादों जैसे लगते हैं, लेकिन इनमें दूध की जगह पूरी या आंशिक रूप से वनस्पति वसा, सोया या अन्य गैर-दुग्ध सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अनुसार, यदि किसी उत्पाद में दूध के घटकों को गैर-दुग्ध तत्वों से बदला जाता है, तो उसे डेयरी एनालॉग माना जाता है.

 

उत्तर प्रदेश ने एनालॉग पनीर, घी और खोया पर प्रतिबंध लगा दिया:

क्या कहा गया है सरकारी आदेश में?

सरकारी आदेश के अनुसार यदि किसी डेयरी यूनिट में हानिकारक रसायन, मिलावटी पदार्थ या गैर-दुग्ध वसा का उपयोग पाया जाता है तो वहां मौजूद सभी डेयरी उत्पाद जब्त कर नष्ट कर दिए जाएंगे. इसके साथ ही Food Safety and Standards Act, 2006 की धारा 34 के तहत आपातकालीन प्रतिबंध आदेश जारी कर उत्पादन पर रोक लगाई जा सकती है.

इसके अलावा दोषी पाए जाने पर संबंधित ब्रांड की बिक्री पूरे उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित की जा सकती है. ऐसे मामलों में खाद्य कारोबार का लाइसेंस निलंबित करने और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत एफआईआर दर्ज करने का भी प्रावधान रखा गया है.

किन राज्यों में पहले से लागू है एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध?

उत्तर प्रदेश से पहले देश के कई राज्य एनालॉग पनीर और अन्य नकली डेयरी उत्पादों पर कार्रवाई कर चुके हैं.

महाराष्ट्र: एनालॉग पनीर और चीज के इस्तेमाल की जानकारी ग्राहकों को देना अनिवार्य किया गया.बाद में इन उत्पादों पर सख्ती बढ़ाई गई.

गुजरात: एनालॉग पनीर, चीज और बटर पर कार्रवाई करते हुए इनके गलत तरीके से बिक्री पर रोक लगाई गई.

मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध की घोषणा करते हुए प्राकृतिक दूध से बने उत्पादों को बढ़ावा देने की बात कही.

छत्तीसगढ़: राज्य सरकार ने भी एनालॉग पनीर की बिक्री और उपयोग पर रोक लगाने का फैसला किया.

डेयरी उत्पादों पर बढ़ी निगरानी

उत्तर प्रदेश का यह आदेश सिर्फ एनालॉग पनीर तक सीमित नहीं है, बल्कि घी, खोया और अन्य डेयरी उत्पादों को भी इसके दायरे में रखा गया है. सरकार का उद्देश्य मिलावटखोरी पर पूरी तरह रोक लगाना और उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं सुरक्षित डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराना है. इसके तहत खाद्य सुरक्षा विभाग को लाइसेंस निलंबित करने, उत्पाद जब्त करने, बिक्री रोकने और कानूनी कार्रवाई करने के व्यापक अधिकार दिए गए हैं.

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