Assam Flood: असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा; राहत और पुनर्वास के लिए केंद्र से पूरी मदद का आश्वासन
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे. पी. नड्डा ने बुधवार, 5 अगस्त को असम के शिवसागर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया. उन्होंने राहत शिविरों का जायजा लेते हुए प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और केंद्र सरकार की ओर से पूर्ण वित्तीय सहायता तथा पुनर्वास का आश्वासन दिया.
गुवाहाटी: पूर्वोत्तर भारत में प्राकृतिक आपदा के प्रकोप के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे. पी. नड्डा ने बुधवार, 5 अगस्त 2026 को असम (Assam) के शिवसागर जिले में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) के साथ केंद्रीय मंत्री ने बिहूबोर और नेपाली खूंटी जैसे बुरी तरह प्रभावित इलाकों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया और राहत शिविरों में शरण लिए हुए परिवारों से बातचीत की.
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार संकट की इस घड़ी में असम की जनता के साथ मजबूती से खड़ी है और राहत, पुनर्वास तथा पुनर्निर्माण कार्यों में संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी. यह भी पढ़ें: Assam Floods: असम में भारी बारिश से बाढ़ का कहर, मृतकों की संख्या बढ़कर 68 हुई, 5.24 लाख से अधिक लोग अब भी प्रभावित
केंद्र सरकार की ओर से पूर्ण वित्तीय सहायता का आश्वासन
बाढ़ पीड़ितों को संबोधित करते हुए जे. पी. नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार राज्य को हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा:
"भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मैं मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि राहत और पुनर्वास के लिए फंड की कोई कमी नहीं होगी. राज्य सरकार को पूरी वित्तीय सहायता दी जा रही है. केंद्र की विशेष टीमें जमीनी स्तर पर हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कर रही हैं ताकि जल्द से जल्द स्थिति को सामान्य किया जा सके."
शिवसागर जिले में तबाही और जमीनी स्थिति
ऊपरी असम का शिवसागर जिला हालिया मानसूनी बारिश और नदियों के उफान के कारण सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक रहा है. बिहूबोर और नेपाली खूंटी क्षेत्रों में बाढ़ के कारण सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, बड़े पैमाने पर कृषि फसलें जलमग्न हुई हैं और मवेशियों का नुकसान हुआ है.
सड़कों और बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान के कारण बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि केंद्र को जमीनी हालात से अवगत कराया जा रहा है ताकि व्यापक पुनर्वास योजना को तेजी से लागू किया जा सके.
केंद्रीय टीमों द्वारा नुकसान का मूल्यांकन
केंद्र सरकार द्वारा प्रतिनियुक्त अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें (Central Teams) असम के विभिन्न जिलों में बाढ़, भूस्खलन और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का वैज्ञानिक आकलन कर रही हैं.
असम राज्य सरकार ने फसल क्षति, क्षतिग्रस्त मकानों और पशुधन के नुकसान के लिए मुआवजे की घोषणा की है. केंद्रीय मंत्री का यह तीन दिवसीय पूर्वोत्तर दौरा असम के साथ-साथ नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा राहत की समीक्षा के उद्देश्य से आयोजित किया गया है.