महिला दारोगा की हत्या पर बोले केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा- यह सुनियोजित साजिश, परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग की
रांची में पशु तस्करों की गाड़ी से रौंदकर मारी गयी महिला दारोगा संध्या टोपनो के परिजनों ने हत्या की सीबीआई जांच कराने और स्पीडी ट्रायल के जरिए दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है.
रांची, 20 जुलाई : रांची में पशु तस्करों की गाड़ी से रौंदकर मारी गयी महिला दारोगा संध्या टोपनो के परिजनों ने हत्या की सीबीआई जांच कराने और स्पीडी ट्रायल के जरिए दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है. केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने भी कहा है कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश लग रही है. प्रशासन को मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए. उन्होंने इसे लेकर ट्वीट भी किया है.
सनद रहे कि रांची के तुपुदाना ओपी में बतौर सबइंस्पेक्टर तैनात संध्या टोपनो मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात को हुलहुंडू में गाड़ियों की चेकिंग कर रही थीं, तब पशुओं की तस्करी करके ले जा रही एक बोलेरो पिकअप वैन ने उन्हें रौंदकर मार डाला था. संध्या के घरवाले सवाल उठा रहे हैं कि एक महिला सब इंस्पेक्टर को पर्याप्त पुलिस बल के बगैर आधी रात ड्यूटी पर कैसे लगाया गया? राजधानी के तुपुदाना ओपी इलाके को नक्सल प्रभावित माना जाता है. इस इलाके में नक्सलियों ने कई बार घटनाओं को अंजाम दिया है.
बताया जा रहा है कि संध्या के साथ सिर्फ दो कांस्टेबल थे. रात लगभग पौने दो बजे तुपुदाना के प्रभारी कन्हैया सिंह को सूचना मिली थी कि अपराधी वाहन से भाग रहे हैं. इसी सूचना के आधार पर संध्या की ड्यूटी लगायी गयी थी. सबसे पहले सिमडेगा जिले की पुलिस को जानकारी मिली थी कि पशु तस्करों का एक गिरोह पिकअप वैन में पशुओं को लेकर जाने वाला है. सिमडेगा पुलिस ने इस वाहन का पीछा किया, लेकिन उसे पकड़ा नहीं जा सका. इसपर गुमला जिले के बसिया थाना की पुलिस को अलर्ट किया गया. बसिया में पुलिस ने बैरिकेडिंग लगायी, लेकिन तस्कर इसे तोड़ते हुए आगे निकल गये. इसके बाद खूंटी जिला और रांची की तुपुदाना थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी गयी. तुपुदाना पुलिस ने सड़क पर चेकिंग लगायी थी और इसी दौरान तस्करों की गाड़ी ने पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी को हिट किया और दारोगा संध्या टोपनो को रौंद डाला. कुछ दूर आगे जाकर यह वैन दुर्घटनाग्रस्त हो गयी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है. वाहन पर सवार निगार खान नामक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया गया है.
रांची के एसएसपी कौशल किशोर ने कहा है कि यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यजनक है. पुलिस की कोशिश होगी कि इस मामले में स्पीडी ट्रायल के जरिए आरोपियों को कड़ी सजा दिलायी जाये. संध्या झारखंड पुलिस की 2018 बैच की एसआई थी. वह अपनी स्नेहलता टोपनो के साथ रांची के सिंहमोड़ इलाके में रहती थीं. संध्या की मां ने रोते हुए बताया कि वह शुरू से पढ़ने में काफी तेज थी. उसने रांची के प्रसिद्ध बिशप वेस्टकॉट स्कूल से 10वीं की पढ़ाई करने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से एमबीए भी किया था. वर्दी पहनना उसका पैशन था. उसने घरवालों को बताये बगैर एसआई की परीक्षा दी थी और सफल होकर अपना सपना पूरा किया था. घरवाले उसकी शादी के प्रस्तावों पर चर्चा कर रहे थे.
बुधवार दोपहर रांची पुलिस लाइन में संध्या टोपनो को अंतिम सलामी दी गयी. रांची के एसएसपी सहित जिले के सैकड़ों पुलिसकर्मियों ने नम आंखों के साथ उन्हें विदाई दी. इस दौरान परिजनों के विलाप के माहौल अत्यंत कारुणिक हो गया. इधर पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडे ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा है कि राज्य में पशु तस्करों और माफियाओं का मनोबल जिस तरह बढ़ा है यह चिंता का विषय है. इस मामले में कठोर एक्शन की जरूरत है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 20, 2022 05:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

