Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा मौत मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने की CBI जांच की सिफारिश, हाईकोर्ट पहुंचा परिवार
मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने आधिकारिक तौर पर सीबीआई (CBI) जांच की सिफारिश की है. मृतका के परिवार द्वारा पुलिस जांच पर सवाल उठाने और मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात के बाद गृह विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की है. वहीं, परिवार ने दूसरी बार पोस्टमार्टम कराने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया है.
भोपाल, 22 मई: मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma) की संदिग्ध मौत (Suspicious Death) के मामले में शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) यानी सीबीआई (CBI) से जांच कराने की सिफारिश की है. इस हाई-प्रोफाइल मामले में मृतका के परिवार की मांग और बढ़ते जन आक्रोश को देखते हुए गृह विभाग की सचिव कृष्णवेणी देसावतु (Secretary Krishnaveni Desawatu) द्वारा इसकी अधिसूचना जारी की गई. इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सचिवालय में ट्विशा के परिजनों से मुलाकात के बाद उन्हें एक निष्पक्ष और केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने का पूरा भरोसा दिया था. यह भी पढ़ें: MP Dowry Death: ट्विशा शर्मा मामले में न्याय के लिए भोपाल की सड़कों पर उतरे पूर्व सैनिक, बाइक रैली निकाल कर की CBI जांच की मांग
ससुराल में संदिग्ध अवस्था में मिला था शव
मूल रूप से नोएडा की रहने वाली 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा (पूर्व मिस पुणे और कॉर्पोरेट प्रोफेशनल) का शव 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित उनके ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था. ट्विशा का विवाह दिसंबर 2025 में भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुआ था, जो सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के बेटे हैं.
विवाह के महज पांच महीने के भीतर हुई इस घटना के बाद, ट्विशा के परिवार ने ससुराल वालों पर गंभीर शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना और दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं.
पति अब भी फरार, पुलिस ने बढ़ाया इनाम
घटना के बाद से ही मुख्य आरोपी और ट्विशा का पति समर्थ सिंह लगातार फरार चल रहा है, जिसकी अग्रिम जमानत याचिका को भोपाल कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है. भोपाल पुलिस ने समर्थ की गिरफ्तारी के लिए लुकआउट नोटिस जारी करने के साथ-साथ उस पर घोषित इनाम की राशि को बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दिया है.
इसके अलावा, पुलिस ने समर्थ का पासपोर्ट रद्द कराने के लिए भी अदालत का दरवाजा खटखटाया है. हालांकि, इस मामले में सह-आरोपी और ट्विशा की सास (पूर्व जज गिरिबाला सिंह) को अदालत से अग्रिम जमानत मिल चुकी है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों के निशान और हाईकोर्ट में याचिका
एम्स (AIIMS) भोपाल द्वारा जारी की गई शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा की मौत का कारण दम घुटने (हैंगिंग) को बताया गया है, लेकिन इसके साथ ही उनके शरीर और सिर पर चोटों के कई निशान (Blunt-force injuries) भी दर्ज किए गए हैं. रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि मौत से एक सप्ताह पहले ही उनका गर्भपात (MTP) कराया गया था.
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने शुरुआती जांच और साक्ष्यों के रख-रखाव पर असंतोष व्यक्त किया है. निचली अदालत द्वारा अर्जी खारिज होने के बाद, शुक्रवार को परिवार ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (High Court) में याचिका दायर कर दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की गुहार लगाई है. यह भी पढ़ें: Twisha Sharma Death Case: ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने ससुराल वालों पर प्रभाव डालने का लगाया आरोप, बोले- परिवार 'गहरे सदमे' से गुज़र रहा है (Watch Video)
व्हाट्सऐप चैट्स और चरित्र हनन के आरोप
ट्विशा द्वारा अपनी मौत से पहले परिवार को भेजे गए कुछ व्हाट्सऐप संदेश भी सार्वजनिक हुए हैं, जिनमें उन्होंने प्रताड़ना का जिक्र करते हुए लिखा था कि "उनकी जिंदगी नर्क बन चुकी है." परिवार का आरोप है कि आरोपी पक्ष मीडिया के सामने आकर मृतका का चरित्र हनन करने की कोशिश कर रहा है.
यह मामला सोशल मीडिया और महिला अधिकार संगठनों के बीच काफी चर्चा में है, जिसके बाद राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी मध्य प्रदेश सरकार से इस पर 'एक्शन-टेकन रिपोर्ट' तलब की है. फिलहाल राज्य सरकार की इस सिफारिश के बाद अब गेंद केंद्र सरकार और सीबीआई के पाले में है.