Monsoon Forecast 2025: इस बार वक्त से पहले पहुंचेगा मानसून, 27 मई से हो सकती है बारिश; खेती और फसलों के लिए खुशखबरी
भारत में इस साल मानसून अपने तय समय से करीब पांच दिन पहले दस्तक देने वाला है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 27 मई को केरल के तट पर मानसून के पहुंचने की संभावना है.
Monsoon Forecast 2025: भारत में इस साल मानसून अपने तय समय से करीब पांच दिन पहले दस्तक देने वाला है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 27 मई को केरल के तट पर मानसून के पहुंचने की संभावना है. आमतौर पर यह बरसात जून के पहले हफ्ते में शुरू होती है, लेकिन इस बार यह जल्दी आ रही है. यह पिछले पांच सालों में सबसे जल्दी मानसून की शुरुआत मानी जा रही है. इस साल पहले और मजबूत मानसून की भविष्यवाणी न केवल किसानों के लिए राहत की खबर है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी अच्छी खबर लेकर आई है.
भारत की करीब 70% खेती मानसून की बारिश पर निर्भर करती है, खासतौर से उन इलाकों में जहां सिंचाई की सुविधा नहीं है. धान, मक्का, सोयाबीन, कपास और गन्ना जैसी फसलें सीधी बारिश पर आधारित हैं.
27 मई से हो सकती है बारिश
औसत से ऊपर रह सकती है इस साल बारिश
मौसम विभाग ने बताया कि इस साल बारिश औसत से ऊपर रह सकती है, जो लगातार दूसरे साल भारत के लिए फायदा पहुंचा सकती है. 2023 में देश ने सूखा झेला था, लेकिन पिछले साल की अच्छी बारिश ने उत्पादन को उबरने में मदद दी. इस बार एक बार फिर उम्मीद है कि फसलें बेहतर होंगी और खाद्य सामग्री की उपलब्धता में कोई कमी नहीं आएगी.
मौजूदा समय में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के माहौल में अच्छी मानसूनी बारिश से देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूती मिलेगी. इससे दाल, चावल, गेंहू, मक्का जैसी जरूरी वस्तुओं की कीमतों को काबू में रखने में मदद मिलेगी.
चावल की कीमतों में उछाल की संभावना
भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक है, और अगर इस साल अच्छी फसल हुई, तो वैश्विक बाजार में चावल की कीमतों को भी स्थिर रखने में मदद मिलेगी. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बंपर फसल के कारण इस साल चावल की कीमतों में उछाल की संभावना बेहद कम है.
IMD ने यह भी बताया कि मानसून 27 मई के आसपास आ सकता है, जिसमें चार दिन आगे-पीछे का अंतर हो सकता है. पिछले साल 30 मई को मानसून की शुरुआत हुई थी और बारिश 2020 के बाद सबसे अच्छी रही थी.