Independence Day 2026: राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की गैरमौजूदगी पर भड़के गिरिराज सिंह, बोले- 'उनकी अनुपस्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है'
कांग्रेस की ओर से कहा गया कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वतंत्रता दिवस मनाया. कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय समारोहों में बैठने की व्यवस्था को लेकर पहले भी उन्होंने आपत्ति जताई थी. उनका आरोप है कि नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पदों के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पहले पालन नहीं किया गया.
Independence Day 2026: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले में आयोजित आधिकारिक समारोह में कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि दोनों नेता संवैधानिक पदों पर हैं और ऐसे राष्ट्रीय अवसर पर उनका मौजूद न होना "दुर्भाग्यपूर्ण" है. Independence Day 2026: लाल किले पर बच्चों से मिलने पहुंचे पीएम मोदी, गिरी हुई टोपी उठाकर पहनाई, दिल जीतने वाला VIDEO वायरल
गिरिराज सिंह ने क्या कहा?
लाल किले पर आयोजित समारोह के दौरान मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "आज मैंने देखा कि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लाल किले पर मौजूद नहीं थे. दोनों संवैधानिक पदों पर हैं, इसलिए मैंने अपने सहयोगियों से पूछा कि वे क्यों नहीं आए. यह राष्ट्रीय गौरव और उत्सव का दिन है. उनकी अनुपस्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है." उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई.
‘उनकी अनुपस्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है’
विपक्ष की गैरमौजूदगी पर छिड़ी सियासी बहस
लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में विपक्ष के शीर्ष नेताओं की गैरमौजूदगी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने आलोचना की. उनका कहना है कि संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं को राष्ट्रीय और गैर-राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होना चाहिए. हर वर्ष आयोजित होने वाले इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय मंत्री, सेना प्रमुख, राजनयिक और विभिन्न दलों के राजनीतिक नेता शामिल होते हैं.
कांग्रेस ने दिया यह जवाब
कांग्रेस की ओर से कहा गया कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वतंत्रता दिवस मनाया. कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय समारोहों में बैठने की व्यवस्था को लेकर पहले भी उन्होंने आपत्ति जताई थी. उनका आरोप है कि नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पदों के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पहले पालन नहीं किया गया.
हालांकि सरकार और कार्यक्रम आयोजकों की ओर से पहले स्पष्ट किया जा चुका है कि लाल किले पर बैठने की व्यवस्था आधिकारिक प्रोटोकॉल के अनुसार तय की जाती है. इसमें कई बार ओलंपिक पदक विजेताओं और विदेशी गणमान्य अतिथियों को प्राथमिकता दी जाती है.
तय कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हुआ समारोह
राजनीतिक बयानबाजी के बीच लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह तय कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हुआ. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, देश को संबोधित किया और परंपरागत गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया.