Thane Teen Hath Naka: ठाणे के तीन हाथ नाका पर जल्द खत्म होगी ट्रैफिक समस्या, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने ₹200 करोड़ के प्रोजेक्ट का किया भूमिपूजन
मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) द्वारा क्रियान्वित किए जा रहे इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 2.76 किलोमीटर लंबा समर्पित एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार किया जाएगा.
Thane Teen Hath Naka: ठाणे शहर और मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में यातायात को सुगम बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को आशिया के सबसे व्यस्त और ट्रैफिक जाम के लिए पहचाने जाने वाले तीन हाथ नाका चौराहे के लिए 200 करोड़ रुपये के 'तीन हाथ नाका यातायात सुधार प्रोजेक्ट' (Teen Hath Naka Traffic Improvement Project) का भूमिपूजन किया. 18 महीनों में पूरा होने वाले इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य इस व्यस्त चौराहे को सिग्नल-फ्री बनाकर वाहन चालकों को जाम से मुक्ति दिलाना है.
2.76 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर
मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) द्वारा क्रियान्वित किए जा रहे इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 2.76 किलोमीटर लंबा समर्पित एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार किया जाएगा. यह भी पढ़े: ठाणे: एकनाथ शिंदे का बड़ा एक्शन, खराब सड़क की शिकायत पर MSRDC अफसर सस्पेंड, ट्रैफिक समस्या सुलझाने के लिए AI का होगा इस्तेमाल
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U-आकार का फ्लाइओवर: एलबीएस रोड स्थित हरि निवास से शुरू होकर ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (EEH) पर बाएं मुड़ते हुए आनंद नगर की दिशा में मौजूदा फ्लाइओवर के समानांतर एक 1.9 किलोमीटर लंबा यू-आकार (U-shaped) का फ्लाइओवर बनाया जाएगा. वहां से यू-टर्न लेकर यह मॉडलै जंक्शन की ओर बढ़ेगा.
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कनेक्टर सुविधा: नए कॉरिडोर को मौजूदा फ्लाइओवर की मुंबई-गामी लेन से जोड़ने के लिए 120 मीटर का एक कनेक्टर और नए ठाणे रेलवे स्टेशन के प्रस्तावित एलिवेटेड अप्रोच रोड से जोड़ने के लिए 720 मीटर का एलिवेटेड लिंक भी शामिल है.
डिप्टी सीएम शिंदे का पोस्ट
सात में से चार प्रमुख मार्ग होंगे सिग्नल-फ्री
तीन हाथ नाका चौक मुंबई, ठाणे, घोडबंदर रोड, गुजरात, नासिक और मुंबई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण चौराहा है. वर्तमान में इस चौक पर सात अलग-अलग दिशाओं से वाहनों का दबाव रहता है.
इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद सात में से चार प्रमुख यातायात प्रवाह पूरी तरह से सिग्नल-फ्री हो जाएंगे. पूर्व में किए गए एक सर्वेक्षण में तीन हाथ नाका को एशिया के सबसे अधिक ट्रैफिक दबाव वाले जंक्शनों में गिना गया था, जहां पीक आवर्स के दौरान वाहन चालकों को 15 मिनट तक सिग्नल पर इंतजार करना पड़ता था.
18 महीने में काम पूरा करने के निर्देश
भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि यह परियोजना उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान मंजूर की गई थी और अब इसका प्रत्यक्ष निर्माण कार्य शुरू हो गया है.
शिंदे ने एमएमआरडीए (MMRDA) के अधिकारियों और ठेकेदारों को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण कार्य को तय 18 महीने की समयसीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए. उन्होंने कहा कि इस परियोजना से वाहन चालकों के समय और ईंधन की भारी बचत होगी और अंतर-राज्यीय एवं अंतर-शहरी यातायात की गति में सुधार होगा.