Terror Funding Case: कश्मीर में एनआईए की बड़ी कार्रवाई, ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद 5 संदिग्ध गिरफ्तार

जम्मू और कश्मीर में आतंक के पूर्ण सफाए के लिए सुरक्षा एजेंसियों का अभियान लगातार जारी है. आतंकी फंडिंग मामले को लेकर रविवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने केंद्र शासित प्रदेश में कई स्थानों पर छापेमारी की. भारी सुरक्षा बंदोबस्त के साथ पहुंचे जांच एजेंसी के अधिकारियों ने राजधानी श्रीनगर, अनंतनाग, बारामूला जिलों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया.

NIA ने कश्मीर में कई जगहों पर तलाशी ली (Photo Credits: ANI)

कश्मीर: जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir) में आतंक के पूर्ण सफाए के लिए सुरक्षा एजेंसियों का अभियान लगातार जारी है. आतंकी फंडिंग मामले को लेकर रविवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने केंद्र शासित प्रदेश में कई स्थानों पर छापेमारी की. भारी सुरक्षा बंदोबस्त के साथ पहुंचे जांच एजेंसी के अधिकारियों ने राजधानी श्रीनगर, अनंतनाग, बारामूला जिलों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया. आतंकी संगठनों के साथ कथित तौर पर काम करने को लेकर जम्मू कश्मीर के 11 सरकारी कर्मचारी बर्खास्त

रिपोर्टों के अनुसार, एनआईए ने आतंकी संगठन आईएसआईएस (ISIS) के साथ कथित संबंध के लिए पांच लोगों को गिरफ्तार किया और कुछ को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इस कार्रवाई में अनंतनाग से चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक की गिरफ्तारी श्रीनगर से हुई है.

तलाशी अभियान में एनआईए की इंटेलिजेंस ब्यूरो, रॉ (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) और जम्मू-कश्मीर पुलिस भी सहायता कर रही है. यह छापेमारी जम्मू-कश्मीर के 11 सरकारी कर्मचारियों को आतंकी फंडिंग गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में बर्खास्त करने के एक दिन बाद हो रही है. इनमें मोस्ट वांटेड आतंकी सैयद सलाहुद्दीन (Syed Salahuddin) के दो बेटें भी शामिल है.

बर्खास्त किये गये सरकारी कर्मचारी शिक्षा, पुलिस, कृषि, कौशल विकास, बिजली, स्वास्थ्य विभाग और एसकेआईएमएस (शेर ए कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) से जुड़े थे. एनआईए को आशंका है कि हिजबुल मुजाहिदीन (Hizbul Mujahideen) की आतंकी गतिविधियों के लिए हवाला लेनदेन के माध्यम से पैसे जुटाए जा रहे है, जिससे घाटी में माहौल खराब किया जा सके.

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