SC On Abhishek Banerjee: सुप्रीम कोर्ट से TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को बड़ी राहत, आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की मिली अनुमति

जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि अभिषेक बनर्जी को विदेश जाने से रोका नहीं जाएगा. हालांकि, अदालत ने निर्देश दिया है कि उन्हें अपनी यात्रा के कार्यक्रम, समय-सीमा और गंतव्य के बारे में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को पूर्व सूचना देनी होगी.

Abhishek Banerjee
SC On Abhishek Banerjee:  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने टीएमसी सांसद को अपनी आंखों के इलाज के सिलसिले में विदेश यात्रा करने की अनुमति दे दी है. केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा जारी जांच और कानूनी बंदिशों के बीच अदालत का यह फैसला बनर्जी के लिए राहत भरा माना जा रहा है.

न्यायालय का आदेश और लगाई गई शर्तें

जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि अभिषेक बनर्जी को विदेश जाने से रोका नहीं जाएगा. हालांकि, अदालत ने निर्देश दिया है कि उन्हें अपनी यात्रा के कार्यक्रम, समय-सीमा और गंतव्य के बारे में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को पूर्व सूचना देनी होगी.  यह भी पढ़े; Abhishek Banerjee Attack: सोनारपुर दौरे के दौरान TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला, बेहतर इलाज के लिए अपोलो से कोलकाता के बेले व्यू अस्पताल में कराया गया भर्ती; VIDEO

सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश वकीलों ने याचिका का विरोध किया था. जांच एजेंसी का तर्क था कि जांच महत्वपूर्ण चरण में है और विदेश यात्रा से प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने चिकित्सा आधार और उनके मौलिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए ईडी की आपत्तियों को दरकिनार कर दिया.

इलाज की आवश्यकता

अभिषेक बनर्जी वर्ष 2016 में हुई एक सड़क दुर्घटना के बाद से आंखों की समस्या का सामना कर रहे हैं. इसके लिए उन्हें पूर्व में भी विदेश जाकर चिकित्सा प्रक्रिया से गुजरना पड़ा था. इस बार भी उन्होंने नियमित जांच और फॉलो-अप उपचार के लिए अदालत से अनुमति मांगी थी.

उल्लेखनीय है कि बनर्जी पश्चिम बंगाल में कोयला खदानों से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी और सीबीआई की जांच का सामना कर रहे हैं. जांच एजेंसियों की ओर से लुकआउट नोटिस जारी होने के कारण उन्हें देश से बाहर जाने के लिए अदालत की अनुमति आवश्यक थी.

आगे की राह

इस फैसले से टीएमसी नेतृत्व को राहत मिली है. पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे न्याय प्रक्रिया पर विश्वास बढ़ाने वाला फैसला बताया है, जबकि बनर्जी का कहना रहा है कि केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है.

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद बनर्जी अपनी निर्धारित अवधि के लिए विदेश यात्रा कर सकेंगे. हालांकि, वापसी के बाद उन्हें पहले की तरह जांच में सहयोग जारी रखना होगा और कोर्ट के आदेशानुसार सभी शर्तों का पालन करना होगा.

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