Jammu and Kashmir Earthquake: कश्मीर में भूकंप के तेज झटके, बडगाम रहा केंद्र; तड़के घरों से बाहर निकले लोग
जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले को केंद्र बनाकर सोमवार तड़के 4.8 तीव्रता का भूकंप आया. घाटी के भीतर केंद्र होने के कारण श्रीनगर समेत कई इलाकों में तेज कंपन महसूस किया गया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई.
- Read in
- English
श्रीनगर: कश्मीर घाटी (Kashmir Valley) में सोमवार की सुबह डर और अफरातफरी के साथ शुरू हुई. तड़के करीब 5:35 बजे आए मध्यम तीव्रता के भूकंप (Earthquake) ने पूरी घाटी को हिला कर रख दिया. हालांकि रिक्टर स्केल (Richter scale) पर इसकी तीव्रता 4.8 मापी गई, लेकिन भूकंप का केंद्र कश्मीर के भीतर बडगाम जिले (Budgam District) में होने के कारण इसका असर काफी व्यापक और डरावना महसूस किया गया. झटके इतने तेज थे कि घरों की खिड़कियां, दरवाजे और घरेलू सामान जोर-जोर से खड़खड़ाने लगे, जिससे लोग घबराकर कड़ाके की ठंड के बावजूद अपने घरों से बाहर खुले मैदानों की ओर भागने लगे. यह भी पढ़ें: Earthquake in Nicobar Islands: निकोबार द्वीप समूह में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 4.6 रही तीव्रता; तड़के सो रहे लोगों में मची अफरातफरी
बडगाम रहा भूकंप का केंद्र
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, यह भूकंप सुबह 5 बजकर 35 मिनट पर आया. इसका केंद्र श्रीनगर से महज 21 किलोमीटर उत्तर में स्थित बडगाम जिला था. केंद्र के घाटी के भीतर ही होने की वजह से झटकों का अहसास बहुत सीधा और तीव्र था. गनीमत यह रही कि संचार सेवाएं बाधित नहीं हुईं, जिसके बाद लोग फोन के जरिए अपने रिश्तेदारों और दोस्तों की खैरियत पूछते नजर आए। प्रशासन फिलहाल जान-माल के संभावित नुकसान का डेटा जुटा रहा है.
भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील है घाटी
भूगर्भीय रूप से कश्मीर घाटी से लेकर लद्दाख के ज़ंस्कार क्षेत्र तक का पूरा इलाका भूकंप के प्रति अत्यधिक संवेदनशील (Earthquake-prone) क्षेत्र में आता है. इतिहास में यहाँ आए भूकंपों ने कई बार भारी तबाही मचाई है। विशेषज्ञों का कहना है कि घाटी के नीचे स्थित फॉल्ट लाइन्स में होने वाली हलचल के कारण यहाँ झटकों का खतरा हमेशा बना रहता है.
इतिहास के दो विनाशकारी भूकंपों की यादें
आज के झटकों ने कश्मीर के लोगों के मन में अतीत की दो बड़ी त्रासदियों की यादें ताजा कर दी हैं:
- अक्टूबर 2005 का महाभूकंप: 8 अक्टूबर 2005 को आए 6 तीव्रता के भूकंप ने कश्मीर के दोनों हिस्सों में भारी तबाही मचाई थी. मुजफ्फराबाद (PoK) केंद्र वाले उस भूकंप में 80,000 से अधिक लोग मारे गए थे और करीब 35 लाख लोग बेघर हो गए थे.
- 1885 का बारामूला भूकंप: 2005 से पहले 30 मई 1885 को 8 तीव्रता का भूकंप आया था. चूँकि इसका केंद्र भी घाटी (बारामूला) के भीतर था, इसलिए इसके प्रभाव से करीब 3,081 लोगों की जान गई थी और बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ था.
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 02, 2026 09:35 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

