विपरीत परिस्थितियों में खड़ा होना हमारी सांस्कृतिक ताकत: CM योगी आदित्यनाथ
यूपी के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में खड़ा होना हमारी सांस्कृतिक ताकत है. सामूहिकता के भाव से चुनौतियों से जूझकर एक दूसरे का संबल बनना हमारी विशेषता है.
गोरखपुर, 8 मार्च : यूपी के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में खड़ा होना हमारी सांस्कृतिक ताकत है. सामूहिकता के भाव से चुनौतियों से जूझकर एक दूसरे का संबल बनना हमारी विशेषता है. हमें संघर्षों से जूझने और सामूहिकता के बल पर आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राचीन पर्वों-त्योहारों की श्रृंखला और समृद्धशाली संस्कृति से मिलती है.
मुख्यमंत्री योगी बुधवार को होली के पावन पर्व पर घण्टाघर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, श्री होलिकोत्सव समिति की ओर से निकलने वाली "रंगभरी शोभायात्रा" के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित कर रहे थे. सभी नागरिकों को होली की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सामूहिकता के भाव से उत्साह, उमंग और सकारात्मकता को एक दूसरे में बांटकर आगे बढ़ते रहेंगे तो समाज में कहीं भी कोई अभाव नहीं रहेगा. सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के साथ विकास की सोच वाली सरकार भी यही कार्य करती है. योगी ने कहा कि हमारी ऋषि परंपरा ने विशिष्ट घटनाओं को प्रासंगिक बनाकर प्रेरणा दी है. ये पर्व हमें मिलजुल कर समाज को समृद्ध बनाने तथा राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने को प्रेरित करते हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में दो वर्षों तक पूरी दुनिया कोरोना से प्रभावित थी. हर व्यक्ति के मन में संशय रहता था. पर, आज कोरोना का भय दूर हो गया है. कोरोना पूरी तरह समाप्त है और सभी लोग उमंग व उत्साह से पर्व-त्योहार मना रहे हैं. सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कोरोना प्रबंधन का जो उदाहरण प्रस्तुत किया, पूरी दुनिया में उसकी सराहना हुई. महामारी से कैसे लड़ा जाना चाहिए, नागरिकों के प्रति किस तरह की संवेदना होनी चाहिए, एक-एक व्यक्ति की देखभाल कैसे होनी चाहिए. यह भी पढ़ें : दिल्ली आबकारी नीति मामला : ईडी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री की बेटी कविता को पूछताछ के लिए बुलाया
उन्होंने कहा कि होली हो या दिवाली, रक्षाबंधन हो या शिवरात्रि या फिर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, श्रीरामनवमी. कोई भी पर्व एकाकीपन का एहसास नहीं कराता. हमारे पर्व और त्योहार सामूहिकता के दर्शन हैं. जैसे एक व्यक्ति से यज्ञ नहीं हो सकता उसी तरह से एकाकी भावना से पर्व व त्योहार भी नहीं मनाए जा सकते. उन्होंने कहा कि हमारे पर्व और त्योहार सामाजिक, सांस्कृतिक यज्ञ हैं और जब हम सामूहिकता के भाव से इसमें जुड़ते हैं तो पर्व की खुशियां कई गुना बढ़ जाती हैं.
योगी ने कहा कि भक्त प्रह्लाद, हिरण्यकश्यप और होलिका की मौजूदगी हर कालखंड में होती है. पर, परमात्मा की कृपा प्रह्लाद अर्थात धर्म, सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने वाले भक्त को ही मिलती है. उन्होंने कहा कि जो राष्ट्र की भक्ति करते हैं, समाज का हित सोचते हैं और लोक कल्याणकारी कार्य करते हैं परमात्मा की कृपा उसी पर होती है. विघटनकारी, अराजक और अनुशासनहीन तत्वों पर परमात्मा की कृपा कभी नहीं होती है.
लोगों को होली की बधाई देने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान नरसिंह की विधि विधान से आरती उतारी. उन्हें नारियल, गुझिया के साथ रंग, अबीर, गुलाल अर्पित किया. भगवान नरसिंह की पूजा करने के बाद योगी पूरी तरह होलीयाना मूड में आ गए. उन्होंने लोगों के ऊपर जमकर रंग, अबीर, गुलाल व गुलाब की पंखुड़ियां उड़ाईं. देखते ही देखते योगी समेत समूचा जनमानस रंगों में सराबोर हो गया. इस दौरान जय श्रीराम के नारों के बीच उत्सवी उल्लास आसमान पर था.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 08, 2023 01:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

