'यह आतंकी हमला नहीं था', नौगाम ब्लास्ट पर जम्मू-कश्मीर के DGP बोले- सैंपलिंग प्रोसेस के दौरान हुआ धमाका

J&K के डीजीपी नलिन प्रभात ने नौगाम ब्लास्ट को एक "दुर्घटना" बताया है, न कि कोई आतंकी हमला. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हादसा FSL टीम द्वारा फरीदाबाद से ज़ब्त विस्फोटकों की सैंपलिंग के दौरान हुआ. इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 9 लोगों की मौत हो गई और 32 लोग घायल हुए हैं, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है.

(Photo : X)

श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए भयंकर धमाके पर एक बड़ा अपडेट आया है. जम्मू-कश्मीर के डीजीपी (पुलिस चीफ) नलिन प्रभात ने साफ कर दिया है कि यह कोई आतंकी हमला या साजिश नहीं थी, बल्कि यह सिर्फ एक दुखद हादसा था.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए डीजीपी ने उन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया, जिनमें इसे एक आतंकी हमला बताया जा रहा था.

तो फिर आखिर हुआ क्या था?

डीजीपी नलिन प्रभात ने बताया कि यह हादसा उस वक्त हुआ जब FSL (फॉरेंसिक) टीम पुलिस स्टेशन में रखे विस्फोटकों की जांच कर रही थी.

'बाहरी हाथ होने का कोई सबूत नहीं'

डीजीपी ने ज़ोर देकर कहा, "यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है. इसमें किसी भी तरह की आतंकी साजिश या किसी बाहरी हस्तक्षेप (बाहर से किसी का हाथ होना) का कोई एंगल नहीं है."

उन्होंने साफ़ किया कि यह विस्फोट इन रसायनों की संवेदनशील प्रकृति (sensitive nature) के कारण हुआ.

9 की मौत, 32 घायल

इस भयानक हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 32 लोग घायल बताए जा रहे हैं. डीजीपी ने कहा कि मलबे को हटाने का काम अभी भी जारी है, इसलिए घायलों या मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.

फिलहाल, इस पूरे मामले की और गहराई से जांच की जा रही है कि आखिर सैंपलिंग के दौरान ऐसी क्या चूक हुई जिससे इतना बड़ा हादसा हो गया.

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