Silver Rate Today, June 10, 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में थमी चांदी की हलचल; जानें दिल्ली, मुंबई और चेन्नई सहित प्रमुख शहरों में प्रति किलो का ताजा भाव
वैश्विक कमोडिटी बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच बुधवार, 10 जून 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतें काफी हद तक स्थिर दर्ज की गई हैं. 'गुड रिटर्न्स' वेबसाइट द्वारा प्रकाशित ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश के अधिकांश प्रमुख शहरों में सफेद धातु (चांदी) का भाव 2.60 लाख रुपये से लेकर 2.70 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के दायरे में बना हुआ है. औद्योगिक मांग और निवेशकों के बढ़ते रुझान के कारण कीमतों में यह कंसोलिडेशन देखा जा रहा है.
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Silver Rate Today, June 10, 2026: वैश्विक कमोडिटी बाजारों (Global Commodity Markets) में जारी उठापटक और बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में आ रहे उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय सर्राफा बाजार (Indian Bullion Market) से राहत भरी खबर है. बुधवार, 10 जून को शुरुआती विधिक कारोबार के दौरान देश के प्रमुख महानगरों में चांदी (Silver) की कीमतें काफी हद तक स्थिर बनी हुई हैं. 'गुड रिटर्न्स' पोर्टल के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, देश भर में सफेद धातु की दरें मुख्य रूप से 2.60 लाख रुपये से लेकर 2.70 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के दायरे में कारोबार कर रही हैं. बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हाजिर दरों (Spot Rates) में आए ठहराव के चलते घरेलू खुदरा कीमतों में भी यह स्थिरता देखने को मिल रही है, जो खरीदारों और निवेशकों के लिए बाजार को समझने का एक आदर्श समय है. यह भी पढ़ें: Gold Rate Today, June 10, 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में स्थिर हुईं सोने की कीमतें; जानें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई सहित अपने शहर में 22K और 24K का ताजा भाव
देश के प्रमुख शहरों और राज्यों में आज चांदी का भाव (10 जून, 2026)
स्थानीय करों, चुंगी और क्षेत्रीय मांग के विधिक समीकरणों के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में प्रति किलोग्राम चांदी की खुदरा दरें इस प्रकार दर्ज की गई हैं:
| शहर / राज्य | आज चांदी का भाव (प्रति किलोग्राम) |
| दिल्ली | ₹2,60,000 |
| मुंबई | ₹2,60,000 |
| चेन्नई | ₹2,70,000 |
| कोलकाता | ₹2,60,000 |
| बेंगलुरु | ₹2,60,000 |
| हैदराबाद | ₹2,60,000 |
| अहमदाबाद | ₹2,60,000 |
| पुणे | ₹2,60,000 |
| वडोदरा | ₹2,60,000 |
| केरल (राज्य) | ₹2,70,000 |
क्यों महत्वपूर्ण है चांदी? आभूषणों के साथ उद्योगों में भारी मांग
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी केवल एक पारंपरिक आभूषण या खुदरा निवेश का माध्यम भर नहीं है, बल्कि आधुनिक औद्योगिक परिदृश्य में इसका बहुत बड़ा आर्थिक महत्व है. पारंपरिक आभूषणों और चांदी के बर्तनों (Silverware) के निर्माण के अलावा, इस सफेद धातु का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण, सोलर पैनल (Solar Panels) और उच्च तकनीक वाले औद्योगिक विनिर्माण (Industrial Manufacturing) में व्यापक रूप से किया जाता है.
यही कारण है कि औद्योगिक क्षेत्रों से आने वाली निरंतर मांग के चलते घरेलू बाजारों में चांदी की कीमतों को हमेशा एक मजबूत आंतरिक संबल प्राप्त रहता है, जो मंदी के दौर में भी इसे एक सुरक्षित निवेश विकल्प (Safe-Haven Buying) बनाए रखता है.
पिछले हफ्तों की भारी मंदी के बाद मजबूत कंसोलिडेशन
चालू महीने के इतिहास पर नजर डालें तो चांदी की कीमतों ने हाल के हफ्तों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव (Volatility) का सामना किया है. वैश्विक आर्थिक घटनाक्रमों और निवेशकों की धारणा में आए अचानक शिफ़्ट के कारण इस महीने की शुरुआत में चांदी की कीमतों में एक तीव्र विधिक सुधार (Sharp Correction) यानी बड़ी गिरावट देखी गई थी.
हालांकि, इस गिरावट के बावजूद ऐतिहासिक स्तरों की तुलना में चांदी की कीमतें अभी भी काफी ऊंचे स्तर पर टिकी हुई हैं. भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में चांदी की लिवाली और वैश्विक औद्योगिक खपत ने इसके बुनियादी धरातल को कमजोर नहीं होने दिया है.
डॉलर इंडेक्स और भारतीय रुपये का सीधा प्रभाव; विशेषज्ञों की सलाह
कमोडिटी विश्लेषकों का स्पष्ट कहना है कि घरेलू सर्राफा बाजार में चांदी की दरें सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय हाजिर बेंचमार्क और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये (INR) की विनिमय दर से जुड़ी होती हैं. डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में आने वाली कमजोरी आयातित चांदी को अधिक महंगा बना देती है, जिसके चलते वैश्विक दरों में कोई बदलाव न होने पर भी घरेलू खुदरा बाजार में कीमतें स्वतः ही बढ़ जाती हैं.
आने वाले दिनों में चांदी की दिशा तय करने के लिए निवेशक इस समय वैश्विक आर्थिक संकेतकों, केंद्रीय बैंकों (जैसे अमेरिकी फेडरल रिजर्व) के नीतिगत सिग्नलों और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर पैनी नजर रख रहे हैं. वित्तीय विशेषज्ञों ने खुदरा खरीदारों और आभूषण उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे बड़े पैमाने पर खरीदारी करने से पहले दैनिक रेट मूवमेंट को बारीकी से ट्रैक करें, विभिन्न विधिक डीलरों के बीच दरों की तुलना करें और बाजार के रुझान को समझने के बाद ही कोई बड़ा वित्तीय निर्णय लें.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 10, 2026 12:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

