Hariyali Teej 2026 Wishes: हरियाली तीज के इन शानदार हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए दें पर्व की शुभकामनाएं
सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हरियाली तीज का त्योहार इस वर्ष 15 अगस्त 2026 को है. सुहागिन महिलाओं के अखंड सौभाग्य और कुंवारी कन्याओं के मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए रखे जाने वाले इस व्रत की बधाई भी दी जाती है. आप भी इन शानदार हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए हरियाली तीज की शुभकामनाएं दे सकती हैं.
Hariyali Teej 2026 Wishes in Hindi: सनातन धर्म में सावन मास (Sawan Maas) के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का विशेष धार्मिक महत्व है. इस दिन पूरे देश में हरियाली तीज (Hariyali Teej) (जिसे 'श्रावणी तीज' या 'छोटी तीज' भी कहा जाता है) का त्योहार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है. वर्ष 2026 में उदया तिथि के अनुसार यह पावन पर्व 15 अगस्त (शनिवार) को पड़ रहा है.
यह पर्व मुख्य रूप से महिलाओं का उत्सव है, जिसमें सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु व अखंड सौभाग्य की रक्षा के लिए निर्जला या फलाहारी व्रत रखती हैं. वहीं, अविवाहित कन्याएं शिव जी जैसा सुयोग्य और मनचाहा वर पाने की कामना से यह व्रत करती हैं.
ऐसे में इस खास अवसर पर महिलाएं अपनी सखी-सहेलियों के साथ शुभकामना संदेशों का आदान-प्रदान भी करती हैं. ऐसे में आप भी इन शानदार हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए हरियाली तीज की शुभकामनाएं दे सकती हैं. यह भी पढ़ें: Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व





शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक
हरियाली तीज का त्योहार भगवान शिव और जगज्जननी माता पार्वती के पवित्र पुनर्मिलन का प्रतीक माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी.
लगभग 108 जन्मों के कड़े जप, तप और त्याग के बाद सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को ही भगवान शिव ने माता पार्वती को अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया था. इसी कारण इस दिन व्रत रखकर शिव-पार्वती की आराधना करने से दांपत्य जीवन में प्रेम, मिठास और खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
पूजा विधि और सोलह श्रृंगार का महत्व
हरियाली तीज के दिन प्रकृति में चारों ओर हरियाली छाई रहती है, इसलिए इस दिन हरे रंग के वस्त्र धारण करने, हरी चूड़ियां पहनने और हाथों में मेहंदी रचाने की विशेष परंपरा है.
पूजन प्रक्रिया:
-
प्रातः स्नान व संकल्प: महिलाएं सुबह सूर्योदय से पूर्व स्नान कर स्वच्छ (हरे या लाल रंग के) वस्त्र पहनती हैं और व्रत का संकल्प लेती हैं.
-
जलाभिषेक: पूजा स्थान पर सबसे पहले भगवान शिव और शिवलिंग का गंगाजल व पवित्र जल से अभिषेक किया जाता है.
-
सोलह श्रृंगार समर्पण: माता पार्वती को सिंदूर, बिंदी, चूड़ी, साड़ी और सोलह श्रृंगार की सामग्री (सिंधारा) अर्पित की जाती है.
-
कथा व आरती: शाम को प्रदोष काल के शुभ मुहूर्त में हरियाली तीज व्रत कथा सुनी जाती है और धूप-दीप जलाकर शिव-पार्वती की आरती की जाती है.
शुभ मुहूर्त (Hariyali Teej 2026 Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, तृतीया तिथि 14 अगस्त 2026 की शाम 06:46 बजे शुरू होकर 15 अगस्त 2026 को शाम 05:28 बजे समाप्त होगी.
-
व्रत तिथि: 15 अगस्त 2026 (शनिवार)
-
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:17 बजे से 01:08 बजे तक
-
प्रदोष काल मुहूर्त: शाम 06:38 बजे से रात 08:51 बजे तक
मान्यता है कि विधि-विधान से तीज माता और भगवान भोलेनाथ का पूजन करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और पारिवारिक क्लेश दूर होते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 14, 2026 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

