Silver Rate Today, January 12, 2026: चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट, फिर भी 2.60 लाख के करीब है भाव; चेन्नई में रेट सबसे ज्यादा
12 जनवरी 2026 को भारतीय बाजारों में चांदी की कीमतों में हल्की नरमी देखी गई है. राष्ट्रीय औसत भाव 2,59,900 रुपये प्रति किलोग्राम के करीब बना हुआ है, जबकि चेन्नई और हैदराबाद जैसे दक्षिण भारतीय शहरों में कीमतें 2.74 लाख रुपये के पार पहुंच गई हैं.
Silver Rate Today, January 12, 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में सोमवार, 12 जनवरी 2026 को चांदी की कीमतों (Silver Rate) में मामूली गिरावट दर्ज की गई है. पिछले कुछ दिनों से जारी रिकॉर्ड तेजी के बाद आज कीमतों में थोड़ा 'डिप' (Dip) देखने को मिला है. देश में चांदी का औसत भाव फिलहाल 2,59,900 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है. हालांकि, दक्षिण भारतीय बाजारों में स्थानीय मांग और कर संरचना के कारण कीमतें अब भी राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर चल रही हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट एक बड़ी तेजी के बीच एक सामान्य 'करेक्शन' है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति की कमी और औद्योगिक मांग के चलते चांदी अभी भी निवेशकों की पहली पसंद बनी हुई है. विभिन्न शहरों में चांदी की रिटेल कीमतें इस प्रकार दर्ज की गई हैं. यह भी पढ़ें: Silver Rate Today, January 11, 2026: चांदी की कीमतों में भारी उछाल, 2.60 लाख रुपये के पार पहुंचा भाव; चेन्नई और हैदराबाद में रिकॉर्ड तेजी
प्रमुख शहरों में आज के चांदी के भाव (प्रति किलोग्राम)
| शहर | आज का भाव (INR) |
| दिल्ली | 2,59,900 |
| मुंबई | 2,59,900 |
| चेन्नई | 2,74,900 |
| हैदराबाद | 2,74,900 |
| बेंगलुरु | 2,59,900 |
| अहमदाबाद | 2,59,900 |
| कोलकाता | 2,59,900 |
| पुणे | 2,59,900 |
कीमतों में अस्थिरता के मुख्य कारण
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, चांदी की कीमतों में इस समय भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है:
- सप्लाई डेफिसिट: वैश्विक स्तर पर चांदी की आपूर्ति में कमी आई है, जबकि सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में इसकी मांग तेजी से बढ़ी है.
- भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण निवेशक पारंपरिक मुद्रा के बजाय चांदी और सोने को एक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) मान रहे हैं.
- डॉलर बनाम रुपया: डॉलर के मुकाबले रुपये में आ रही कमजोरी के चलते भी आयातित चांदी महंगी हो रही है.
भविष्य का अनुमान: क्या 3 लाख तक जाएगा भाव?
कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चांदी अपनी वर्तमान पकड़ बनाए रखती है, तो पहली तिमाही के अंत तक यह 3,00,000 रुपये प्रति किलो के मनोवैज्ञानिक स्तर को छू सकती है. हालांकि, बाजार में अस्थिरता को देखते हुए आम खरीदारों को 'बाय ऑन डिप' (जब कीमतें गिरें तब खरीदना) की रणनीति अपनाने की सलाह दी गई है.
बता दें कि चांदी में एक दिन के भीतर 10,000 रुपये तक का उतार-चढ़ाव होना इन दिनों आम बात हो गई है, इसलिए छोटे निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए.