Shirdi Sai Baba: आंध्र प्रदेश के वेल्लोर निवासी श्रीनिवास राव की शिर्डी साईं बाबा में आस्था, 1 करोड़ रुपये का सोने का मुकुट किया दान; VIDEO
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर महाराष्ट्र के प्रसिद्ध शिर्डी साईं बाबा मंदिर में आंध्र प्रदेश के एक भक्त ने 1.03 करोड़ रुपये मूल्य का सोने का मुकुट अर्पित किया है. 642 ग्राम वजनी इस अनमोल मुकुट पर नवग्रहों और नवरत्नों की शानदार नक्काशी की गई है.
Shirdi Sai Baba: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित प्रसिद्ध शिर्डी साईं बाबा मंदिर में भक्ति और श्रद्धा का अनूठा दृश्य देखने को मिला. आंध्र प्रदेश के नेल्लोर (वेल्लोर) निवासी साईं भक्त मल्लादी श्रीनिवास राव ने गुरु-दक्षिणा के रूप में साईं बाबा के चरणों में 1.03 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का सोने का मुकुट अर्पित किया है.
गुरु पूर्णिमा उत्सव के पहले दिन भेंट किया गया यह कीमती मुकुट मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र बना रहा. यह भी पढ़े: साईं बाबा से जुड़ी अनोखी बातें, इसीलिए बाबा को प्रिय था कफनी (कुर्ता), चिमटा और चंदन
शिर्डी साईं बाबा को एक करोड़ का मुकुट दान
642 ग्राम सोना और नवरत्नों से जड़ा मुकुट
मंदिर प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, भक्त द्वारा दान किए गए इस मुकुट का कुल वजन 642 ग्राम है. मुकुट की नक्काशी और कारीगरी बेहद भव्य है.
इस स्वर्णिम मुकुट पर सूर्य, चंद्र, नवग्रहों की आकृतियों के साथ-साथ भगवान विष्णु के दशावतार की बारीक नक्काशी की गई है. इसके अलावा, मुकुट को अमेरिकन डायमंड्स और विभिन्न नवरत्नों से सुसज्जित किया गया है, जिससे इसकी सुंदरता और भव्यता और बढ़ जाती है.
भक्त ने जताई अपनी अटूट आस्था
मुकुट भेंट करने वाले दानदाता श्रीनिवास राव ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वे साईं बाबा को नवग्रह और संपूर्ण सृष्टि का स्वरूप मानते हैं.
उन्होंने कहा कि साईं बाबा में ही भगवान विष्णु, शिव, ब्रह्मा, दत्तात्रेय और माता शक्ति का वास है. गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता और गुरु-दक्षिणा स्वरूप उन्होंने यह नवग्रह मुकुट बाबा के चरणों में समर्पित किया है.
श्री साईं बाबा संस्थान ने किया स्वागत
श्री साईं बाबा संस्थान ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) गोरक्ष गाडिलकर ने दानदाता भक्त का धन्यवाद व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मानित किया. संस्थान की आधिकारिक व प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद इस मुकुट को स्वीकार कर लिया गया.
मंदिर प्रशासन के अनुसार, गुरु पूर्णिमा उत्सव के मुख्य पूजन और साईं बाबा के दैनिक श्रृंगार के दौरान प्रतिमा को यह स्वर्णिम मुकुट पहनाया जाएगा.