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Sexual Harassment Cases: दिल्ली पुलिस ने डब्ल्यूएफआई के पूर्व प्रमुख के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में आरोपों पर बहस की पूरी

दिल्ली पुलिस ने छह महिला पहलवानों द्वारा कथित यौन उत्पीड़न मामले में भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय करने पर अपनी दलीलें पूरी कर ली हैं.

Sexual Harassment Cases: दिल्ली पुलिस ने डब्ल्यूएफआई के पूर्व प्रमुख के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में आरोपों पर बहस की पूरी

नई दिल्ली, 6 जनवरी : दिल्ली पुलिस ने छह महिला पहलवानों द्वारा कथित यौन उत्पीड़न मामले में भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय करने पर अपनी दलीलें पूरी कर ली हैं. राउज़ एवेन्यू कोर्ट की अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) प्रियंका राजपूत के समक्ष पुलिस की दलीलें फिर से शुरू हुईं, जिन्होंने पहले मामले की अध्यक्षता कर चुके एसीएमएम हरजीत सिंह जसपाल के स्थानांतरण के बाद गुरुवार को नई सुनवाई शुरू की.

दिल्ली पुलिस ने तर्क दिया कि कथित यौन उत्पीड़न की घटनाएं, चाहे वे विदेश में हों या देश के भीतर, आपस में जुड़ी हुई हैं और एक ही मामले का हिस्सा हैं. इसलिए, पुलिस ने कहा कि अदालत को मामले की सुनवाई का अधिकार क्षेत्र है. भाजपा सांसद ने पहले दिल्ली अदालत के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाते हुए दावा किया था कि भारत में कोई कार्रवाई या परिणाम नहीं हुआ. दिल्ली पुलिस का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने तर्क दिया कि आईपीसी की धारा 354 के तहत, मामला समय-बाधित नहीं है, क्योंकि इसमें अधिकतम पांच साल की सजा का प्रावधान है. यह भी पढ़ें : Gangster Sharad Mohol Murder Case: पुणे के गैंगस्टर शरद मोहोल की हत्या के मामले में 8 संदिग्ध गिरफ्तार

शिकायत दर्ज करने में देरी के मुद्दे को बताते हुए, श्रीवास्तव ने महिला पहलवानों के बीच डर का मुद्दा उठाया और कहा कि कुश्ती उनके जीवन में बहुत महत्व रखती है, और वे अपने करियर को खतरे में डालने की चिंताओं के कारण आगे आने में झिझक रही थीं. अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि बृज भूषण के बचाव में यह दावा करते हुए कि उनके कार्य पितृसत्तात्मक थे, उनके कृत्यों के प्रति जागरूकता का प्रदर्शन किया. अभियुक्त का यह औचित्य कि वह सांस लेने के पैटर्न की जांच कर रहा था, अनुचित स्पर्श के बारे में पीड़ितों के बयानों का खंडन करता है. अदालत ने अब मामले को 20 और 23 जनवरी को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है, जहां शिकायतकर्ताओं के वकील अपनी दलीलें पेश करेंगे.

गुरुवार को, पुलिस ने दावा किया था कि सिंह और सह-आरोपी, डब्ल्यूएफआई के निलंबित सहायक सचिव विनोद तोमर के खिलाफ मुकदमा आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्तप्रथम दृष्टया सबूत हैं. अभियोजन पक्ष ने पहले कहा था कि पीड़ितों का यौन उत्पीड़न एक निरंतर अपराध था, क्योंकि यह किसी विशेष समय पर नहीं रुका था. दिल्ली पुलिस ने अदालत को यह भी बताया था कि सिंह ने महिला पहलवानों का "यौन उत्पीड़न" करने का कोई मौका नहीं छोड़ा, साथ ही कहा कि उसके खिलाफ आरोप तय करने और मुकदमे को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 06, 2024 04:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).