SC के फैसले पर बीजेपी सांसद का विवादित बयान, कहा- रात 10 बजे के बाद भी जलाऊंगा पटाखे
चिंतामणि मालवीय ने कहा कि हिंदू परंपरा में उन्हें किसी का भी दखल बर्दाश्त नहीं है. उन्होंने कहा कि मैं पटाखे जलाऊंगा उसके लिए अगर मुझे जेल जाना पड़े तो कोई बात नहीं
उजैन: सुप्रीम कोर्ट ने दीपावली के दिन पटाखों और आतिशबाजी पर मंगलवार को अपना फैसला सुनाया था. जिसमें कोर्ट ने कहा है कि लोग दिवाली के दिन रात 8 से 10 बजे तक पटाखे फोड़े. लेकिन कोर्ट के इस फैसले के बाद अब उज्जैन के बीजेपी सांसद चिंतामणि मालवीय का एक विवादित बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि वे तो रात 10 बजे के बाद ही पटाखे जलाएंगे.
चिंतामणि मालवीय ने कहा कि हिंदू परंपरा में उन्हें किसी का भी दखल बर्दाश्त नहीं है. उन्होंने कहा कि मैं पटाखे जलाऊंगा उसके लिए अगर मुझे जेल जाना पड़े तो कोई बात नहीं. बीजेपी सांसद ने ट्वीट कर लिखा कि मैं दिवाली पर तभी पटाखे फोड़ूंगा, जब लक्ष्मी पूजा खत्म कर लूंगा. त्योहारों को हम समयसीमा में नहीं बांध सकते.
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में अपनी दीवाली अपने परम्परागत तरीके से मनाऊंगा और रात में लक्ष्मी पूजन के बाद 10 बजे के बाद ही पटाखे जलाऊंगा । हमारी हिन्दू परंपरा में किसी की भी दखलंदाजी में हरगिज बर्दाश्त नही कर सकता । मेरी धार्मिक परम्पराओं के लिए यदि मुझे जेल भी जाना पड़े तो में खुशी खुशी जेल भी जाऊंगा । pic.twitter.com/Vvmyqmyxln
— Chintamani Malviya (@drchintamani) October 23, 2018
वहीं एनसीपी के नेता जितेंद्र आव्हाड ने भी ट्वीट कर लिखा है कि दिलवाली लक्ष्मी पूजा के बाद मनाया जाता है. उसी परंपरा का पालन करूंगा. उन्होंने कहा कि पूजा के बाद ही पटाखे जलाऊंगा उसके बाद जो भी परिणाम हो वो भुगतने के लिए तैयार हूं.
अभ्यंगस्नाना नंतर फटाके वाजवण्याची परंपरा मोडणार नाही
लक्षमी पूजन च्या मुहूर्त फटाके वाजवणार
फटाके आणि दिवाळी अतूट नाते
परिणाम भोगण्याची तयारी
— Dr.Jitendra Awhad (@Awhadspeaks) October 24, 2018
गौरतलब हो कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अहम फैसला सुनाते हुए पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाने वाले पटाखों के उत्पादन एवं बिक्री की अनुमति दी, जिनसे कम उत्सर्जन हो। अदालत का कहना है कि दिवाली के दिन रात आठ से रात 10 बजे तक ही पटाखे जला सकते हैं.
जस्टिस ए.के. सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने हरित नियमों पर खरा नहीं उतरने वाले पटाखों को जलाने पर प्रतिबंध लगाया है, जो पूरे साल लागू रहेगा. यह नियम नए साल के जश्न और शादी-समारोहों में भी लागू रहेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 24, 2018 09:49 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

