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DR Congo Ebola Outbreak: कांगो में तेजी से फैल रहा इबोला, 2,100 से ज्यादा मौतें; अब 6वें प्रांत तक पहुंचा वायरस

The DR Congo Ebola outbreak has spread to a sixth province after a death was recorded in the previously unaffected Bas-Uele province, Africa CDC Director-General Jean Kaseya said Thursday, August 13.

DR Congo Ebola Outbreak: कांगो में तेजी से फैल रहा इबोला, 2,100 से ज्यादा मौतें; अब 6वें प्रांत तक पहुंचा वायरस

DR Congo Ebola Outbreak Details: डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DR Congo) में इबोला वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. गुरुवार, 13 अगस्त को अफ्रीका CDC के महानिदेशक जीन कासेया ने बताया कि वायरस अब देश के छठे प्रांत Bas-Uele तक पहुंच गया है. यहां पहले से प्रभावित नहीं रहे एक व्यक्ति की मौत दर्ज की गई है. इस नए मामले ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि संक्रमण अब उन क्षेत्रों तक पहुंच रहा है जहां पहले इसका प्रभाव नहीं था. Ebola Outbreak: कांगो में इबोला का प्रकोप बना वैश्विक चिंता, 2014-16 की महामारी से भी ज्यादा घातक हो सकता है संक्रमण, WHO ने दी चेतावनी

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा इबोला प्रकोप में अब तक 4,500 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं और 2,100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे तेजी से बढ़ने वाला इबोला प्रकोप बताया है. WHO के अनुसार, मौजूदा संक्रमण 2014-16 के पश्चिम अफ्रीकी इबोला प्रकोप की तुलना में करीब तीन गुना तेजी से मौतों का आंकड़ा पार कर रहा है.

6वें प्रांत तक पहुंचा इबोला वायरस

Bas-Uele प्रांत में दर्ज हुई मौत ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है. बताया गया है कि मृतक व्यक्ति Haut-Uele प्रांत के Isiro से Bas-Uele की राजधानी Buta पहुंचा था, जहां बाद में उसकी मौत हो गई. अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि Buta पहुंचने के बाद उसके संपर्क में आए लोगों में संक्रमण फैला या नहीं. इस घटना के बाद कांगो के 26 में से 6 प्रांत इबोला के प्रभाव में आ चुके हैं.

2,100 से ज्यादा लोगों की मौत

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा प्रकोप में 4,500 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और 2,100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. WHO ने कहा है कि मौजूदा प्रकोप में इतनी बड़ी संख्या में मौतें 2014-16 के पश्चिम अफ्रीकी प्रकोप की तुलना में काफी तेजी से हुई हैं. पश्चिम अफ्रीका का 2014-16 का इबोला प्रकोप अब तक का सबसे घातक इबोला प्रकोप माना जाता है, जिसमें 11,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी. मौजूदा प्रकोप की रफ्तार को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारी लगातार सतर्कता बढ़ा रहे हैं.

किस तरह के इबोला वायरस से फैला है संक्रमण?

मौजूदा प्रकोप Bundibugyo virus के कारण फैल रहा है. यह इबोला वायरस का एक दुर्लभ प्रकार है. इस वायरस के खिलाफ फिलहाल कोई स्वीकृत वैक्सीन या उपचार उपलब्ध नहीं है, जिससे स्वास्थ्य अधिकारियों के सामने चुनौती और बढ़ गई है. हालांकि, Ituri प्रांत में Bundibugyo Ebola के संभावित उपचारों को लेकर पिछले महीने क्लिनिकल ट्रायल शुरू किए गए थे. इन परीक्षणों से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि प्रयोगात्मक उपचार बीमारी की गंभीरता और मृत्यु दर को कम करने में कितने प्रभावी हैं.

‘हम वायरस का पीछा कर रहे हैं’

इबोला को नियंत्रित करने के प्रयासों के बीच स्वास्थ्य अधिकारियों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. कुछ स्वास्थ्यकर्मी वेतन नहीं मिलने के कारण हड़ताल पर हैं, जबकि विद्रोही समूहों से खतरे, लोगों में अविश्वास और सोशल मीडिया पर फैली गलत सूचनाएं भी अभियान को प्रभावित कर रही हैं. Ituri प्रांत के Nizi Treatment Center में गुरुवार को स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल के कारण सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ीं. कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें तीन महीने से वेतन नहीं मिला है. WHO के अफ्रीका क्षेत्रीय निदेशक डॉ. मोहम्मद याकूब जनाबी ने मौजूदा स्थिति को लेकर कहा, “हम वायरस का पीछा कर रहे हैं, वायरस हमसे आगे है.”

फरवरी से ही फैल रहा था वायरस?

WHO के मुताबिक, कांगो सरकार ने आधिकारिक तौर पर मौजूदा इबोला प्रकोप की घोषणा 15 मई को की थी. हालांकि, वायरस की जेनेटिक सीक्वेंसिंग से पता चला कि इसका प्रसार इससे कई महीने पहले ही शुरू हो चुका था. विश्लेषण के अनुसार, वायरस फरवरी से ही फैल रहा था. इसका मतलब है कि आधिकारिक तौर पर प्रकोप की पहचान होने से पहले ही संक्रमण कई लोगों तक पहुंच चुका था. स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह भी है कि बड़ी संख्या में नए मामले पहले से निगरानी में रखे गए लोगों के संपर्कों के बाहर सामने आ रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार, 60 से 70 प्रतिशत नए मामले ऐसे लोगों में पाए जा रहे हैं जो पहले से निगरानी में शामिल नहीं थे.

इबोला कैसे फैलता है?

इबोला एक दुर्लभ लेकिन गंभीर वायरल बीमारी है. यह संक्रमित व्यक्ति के खून, उल्टी, वीर्य और अन्य संक्रमित शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैल सकता है. संक्रमित सामग्री और सतहों, जैसे कपड़े और बिस्तर के संपर्क से भी संक्रमण का खतरा हो सकता है. इबोला गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है और कई मामलों में जानलेवा साबित होता है. इसलिए संक्रमण को रोकने के लिए जल्द पहचान, संक्रमित व्यक्ति को अलग रखना, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और सख्त संक्रमण नियंत्रण बेहद महत्वपूर्ण हैं.

स्वास्थ्य अधिकारियों के सामने बढ़ी चुनौती

Bas-Uele तक वायरस के पहुंचने के बाद कांगो में इबोला के खिलाफ अभियान और चुनौतीपूर्ण हो गया है. एक तरफ संक्रमण तेजी से नए इलाकों में फैल रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्यकर्मियों की कमी, वेतन विवाद, सुरक्षा संबंधी खतरे, निगरानी व्यवस्था में कमियां और गलत सूचनाएं नियंत्रण के प्रयासों को प्रभावित कर रही हैं. छठे प्रांत में संक्रमण पहुंचने से यह साफ है कि स्वास्थ्य अधिकारियों को अब केवल मौजूदा प्रभावित क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि नए इलाकों में भी निगरानी और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग बढ़ानी होगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 13, 2026 09:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).