Sadbhavna Diwas 2025: सद्भावना दिवस का राजीव गांधी से क्या संबंध है? जानें इसका इतिहास, महत्व, उद्देश्य एवं राजीव गांधी के जीवन के रोचक प्रसंग!

राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ था. वह मात्र तीन वर्ष के थे, जब देश आजाद हुआ था.

Rajiv Gandhi Birth Anniversary: हर वर्ष 20 अगस्त को राष्ट्रीय सद्भावना दिवस मनाया जाता है. वस्तुतः सद्भावना दिवस भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. ‘सद्भावना’ का आशय सौहार्द एवं शांति से संबद्ध है. यह दिवस विशेष राष्ट्रीय एकता, शांति और सांप्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है. पहली बार सद्भावना दिवस 1992 में मनाया गया था. इस अवसर पर बात करेंगे, राजीव गांधी जयंती को ‘सद्भावना’ शब्द से जोड़ने की वजह, इसके इतिहास एवं राजीव गांधी के व्यक्तित्व के कुछ रोचक एवं प्रेरक पहलुओं के बारे में...

सद्भावना दिवस का मुख्य उद्देश्य

सद्भावना दिवस का उद्देश्य जानने के लिए निम्न महत्वपूर्ण बिंदुओं को समझना होगा.

* विविधतापूर्ण भारत में विभिन्न समुदायों के बीच भावनात्मक एकता और शांति को बढ़ावा देना है

* यह दिन युवाओं को धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है.

* सद्भावना दिवस भारत के आधुनिकीकरण में राजीव गांधी के योगदान के सम्मान में भी मनाया जाता है.

* सद्भावना दिवस का उद्देश्य अलग-अलग समाज में आपसी समझ के महत्व के बारे में जागरूकता को बढ़ाना है.

सद्भावना दिवस का इतिहास

साल 1991 में दक्षिण भारत के श्रीपेरुमंबदूर में एक चुनाव प्रचार के दरमियान राजीव गांधी की हत्या एक विस्फोट के कारण हुई थी. उनकी मृत्यु के अगले ही वर्ष यानी 1992 में पहली बार सद्भावना दिवस मनाया गया था. राजीव गांधी की जयंती को सद्भावना दिवस मनाने का निर्णय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और विभिन्न नागरिक संगठनों द्वारा लिया गया था. इस दिवस की परिकल्पना बढ़ते सांप्रदायिक तनावों से निपटने और शांतिपूर्ण तरीकों एवं शिक्षा के माध्यम से सद्भाव को बढ़ावा देने के साधन के रूप में की गई थी.

सद्भावना दिवस का महत्व

सद्भावना दिवस विविधता में एकता का संदेश देता है. यह सहिष्णुता, संवाद और सामूहिक निर्णय लेने जैसे मूल्यों का समर्थन करता है. यह इस अवसर पर छात्र एवं युवा नागरिक सामाजिक जागरूकता और शांति को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों में भाग लेते हैं. यह दिवस धर्मनिरपेक्षता, बंधुत्व और समानता के विचारों जैसे संवैधानिक नैतिकता का समर्थन करता है

राजीव गांधी के राजनीतिक जीवन के कुछ अनछुए पहलू!

* राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ था. वह मात्र तीन वर्ष के थे, जब देश आजाद हुआ था. नाना नेहरू ने अपनी पत्नी कमला नेहरू की स्मृतियों को जिंदा रखने के लिए इंदिरा गांधी के इस बेटे का नाम राजीव रखा, दोनों के ही शाब्दिक अर्थ ‘कमल का फूल’ है.

* राजीव गांधी ने अपना बचपन तीन मूर्ति हाउस में बिताया, जहां उनकी मां इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री (पं. नेहरू) की परिचारिका के रूप में कार्य किया था.

* राजीव गांधी की स्कूली शिक्षा की शुरुआत वेल्हम स्कूल (देहरादून) से हुई, शीघ्र ही उन्हें दून स्कूल (हिमालय की तलहटी) भेजा गया. इसके बाद वह कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज गए, लेकिन वहां से भी जल्दी ही लन्दन के इम्पीरियल कॉलेज में प्रवेश दिलाया गया, वहां उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की.

* सन् 1966 में राजीव गांधी भारत आ गए. उस समय तक मां इंदिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री बन चुकी थीं. राजीव गांधी को रुचि संगीत में ज्यादा थी. उन्हें वेस्टर्न और हिन्दुस्तानी शास्त्रीय एवं आधुनिक संगीत पसंद था. उन्हें फोटोग्राफी एवं रेडियो सुनने का भी शौक था.

लन्दन में राजीव गांधी की मुलाकात Edvige Antonia Albina Maino से हुई थी. 1968 में राजीव गांधी ने नई दिल्ली में Edvige Antonia Albina Maino से शादी कर ली, इसके बाद इनका नाम बदलकर सोनिया गांधी रखा गया. उनके दो बच्चे राहुल और प्रियंका.

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