Rs 370 Biryani Row: मुंबई में ₹370 बिरयानी विवाद के बीच महिला डॉक्टर की टिप्पणी पर बवाल, पुरुष शवों के निजी अंगों पर मजाक से सोशल मीडिया में नाराजगी
कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो से जुड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. पहले शो में एक दर्शक की ₹370 की बिरयानी संबंधी टिप्पणी को लेकर विवाद हुआ था, वहीं अब उसी कार्यक्रम में मौजूद एक महिला डॉक्टर की टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है.
Rs 370 Biryani Row: कॉमेडियन प्रणीत मोरे के टॉक शो से जुड़े विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. 'बिग बॉस सीजन 19' के सेकेंड रनर-अप रहे प्रणीत मोरे के शो का एक नया वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भारी गुस्सा देखा जा रहा है. हाल ही में शो के एक दर्शक हिमांशु जांगड़ा के '370 रुपये की चिकन बिरयानी' वाले बयान पर मचे बवाल के बीच, अब एक महिला डॉक्टर द्वारा मृत शरीरों (कैडावर) के निजी अंगों पर किए गए मजाक ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. इंटरनेट पर लोग इस टिप्पणी को बेहद असंवेदनशील और चिकित्सा जगत की नैतिकता के खिलाफ बता रहे हैं.
मृत शरीरों पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद
प्रणीत मोरे के शो की एक अन्य दर्शक डॉ. सेजल पवार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला गरमाया है. इंस्टाग्राम बायो के मुताबिक मुंबई के केईएम (KEM) अस्पताल में कार्यरत डॉ. सेजल पवार ने शो के दौरान कथित तौर पर कहा कि वह और उनकी महिला सहकर्मी अक्सर अस्पताल में पुरुष शवों के निजी अंगों के आकार की तुलना करती हैं. इस टिप्पणी के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक वर्ग ने गहरी नाराजगी जताई है और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. विवाद बढ़ने के बाद सेजल पवार ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट को प्राइवेट कर लिया है. यह भी पढ़े: Mumbai Local Train: लोकल के रिजर्व्ड कोच में भी विकलांग को नहीं चढ़ने दे रहे है सामान्य यात्री, मुंबई का वीडियो आया सामने, लोगों ने सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी; VIDEO
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सोशल मीडिया पर चिकित्सा नैतिकता को लेकर बहस
डॉक्टर के इस बयान पर इंटरनेट यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा है. विशेष रूप से मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों ने इसकी कड़ी निंदा की है. एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक मेडिकल छात्र ने लिखा, "एक मेडिकल छात्र के रूप में, किसी मृत शरीर का मजाक उड़ाना सबसे खराब चीजों में से एक है. मुझे आज भी प्रसिद्ध एनाटॉमी पुस्तक (B.D. Chaurasia) के पहले पन्ने पर लिखी वह कविता याद है, जिसमें एक शव डॉक्टरों से उसे सम्मान और देखभाल के साथ संभालने का आग्रह करता है."
एक अन्य यूजर ने लिखा कि लोग अपने प्रियजनों के शवों को इसलिए दान करते हैं ताकि भविष्य के डॉक्टर सीख सकें और समाज की सेवा कर सकें. यह विश्वास का एक असाधारण कार्य है. यदि इस तरह के व्यवहार के कारण लोग शव दान करना बंद कर देंगे, तो चिकित्सा शिक्षा को भारी नुकसान होगा. इसे महज 'कंटेंट' या मजाक समझकर खारिज नहीं किया जा सकता.
क्या है पृष्ठभूमि? '370 रुपये की बिरयानी' का मामला
यह नया विवाद तब सामने आया है जब यह शो पहले से ही एक अन्य टिप्पणी के कारण विवादों में था. शो के दौरान 23 वर्षीय हिमांशु जांगड़ा नाम के एक दर्शक ने कहा था कि वह एक महिला के साथ डेट पर गया था और उसने 370 रुपये की चिकन बिरयानी के पैसे चुकाए थे, इसलिए वह अपने इस निवेश पर 'रिटर्न' का हकदार है. इस बयान को महिलाओं के वस्तुकरण (Objectification) के रूप में देखा गया और हिमांशु को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा.
प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा पर कार्रवाई
इस दोहरे विवाद और बढ़ते आक्रोश के बीच कॉमेडियन प्रणीत मोरे ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिएक्टिवेट कर दिया है. वहीं, बिरयानी विवाद के केंद्र में रहे हिमांशु जांगड़ा को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है. हिमांशु 'स्टारविक डिजाइन' नामक कंपनी में कार्यरत थे. विवाद बढ़ने के बाद कंपनी के संस्थापक विवेक विश्वकर्मा ने इंस्टाग्राम पर आधिकारिक बयान जारी कर जानकारी दी कि कंपनी ने हिमांशु को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है.
इंटरनेट पर लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि जितना आक्रोश हिमांशु के बयान पर था, उतना ही आक्रोश और कार्रवाई डॉ. सेजल पवार की इस टिप्पणी पर भी होनी चाहिए क्योंकि यह सीधे तौर पर मानवीय गरिमा और मेडिकल एथिक्स का उल्लंघन है.