Uorfi Javed On Adnaan Shaikh: अदनान शेख के एक बयान पर भड़कीं उर्फी जावेद, सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस

Uorfi Javed On Adnaan Shaikh: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर उर्फी जावेद एक बार फिर महिलाओं को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ खुलकर सामने आई हैं. इस बार उन्होंने इन्फ्लुएंसर अदनान शेख को उनके वायरल पॉडकास्ट बयान पर जमकर फटकार लगाई है. अदनान शेख का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने तलाकशुदा और विधवा महिलाओं को लेकर 'पब्लिक प्रॉपर्टी' शब्द का इस्तेमाल किया. इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हो रही है.

उर्फी जावेद ने जताई नाराजगी

उर्फी जावेद ने 13 जुलाई 2026 को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर अदनान शेख के वायरल वीडियो को शेयर करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा, "ऐसे लोगों को आखिर बोलने की इजाजत क्यों दी जाती है?" उर्फी का यह जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. कई यूजर्स ने भी उनके बयान का समर्थन करते हुए कहा कि महिलाओं के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता.

उर्फी जावेद ने तलाकशुदा और विधवा महिलाओं पर अदनान शेख की विवादित टिप्पणी पर कड़ा रिएक्शन दिया है

(Photo Credit: Instagram)

क्या कहा था अदनान शेख ने?

अदनान शेख हाल ही में 'Aa Dil Ki Baat Karein' पॉडकास्ट में नजर आए थे. बातचीत के दौरान वह तलाकशुदा और विधवा महिलाओं की दोबारा शादी के मुद्दे पर अपनी राय रख रहे थे. इसी दौरान उन्होंने कहा कि अगर समाज ऐसी महिलाओं की शादी नहीं होने देता, तो क्या उन्हें "पब्लिक प्रॉपर्टी" बन जाने देना सही होगा.

उन्होंने कहा कि समाज को इस सोच पर विचार करना चाहिए कि यदि कोई पुरुष ऐसी महिलाओं से शादी करना चाहता है, तो इसमें दिक्कत क्यों होनी चाहिए. हालांकि, अपनी बात समझाने के लिए उन्होंने जिस तरह "पब्लिक प्रॉपर्टी" शब्द का इस्तेमाल किया, उसी पर विवाद खड़ा हो गया.

अदनान शेख़ की विवादित टिप्पणी: तलाकशुदा और विधवा महिलाओं की तुलना ‘पब्लिक प्रॉपर्टी’ से की - वीडियो देखें

 

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सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

अदनान शेख के इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे महिलाओं का अपमान और उन्हें वस्तु की तरह पेश करने वाला बताया. कई यूजर्स का कहना है कि भले ही उनका मकसद दोबारा शादी का समर्थन करना रहा हो, लेकिन जिस भाषा का उन्होंने इस्तेमाल किया, वह बेहद आपत्तिजनक और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है.

उर्फी जावेद की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है. सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग महिलाओं के सम्मान और सार्वजनिक मंचों पर जिम्मेदार भाषा के इस्तेमाल की मांग कर रहे हैं.