Retail Inflation: जुलाई में खुदरा महंगाई पांच साल के निचले स्तर 3.54 प्रतिशत पर, पहली बार RBI के टारगेट से नीचे
खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी से खुदरा महंगाई दर जुलाई में घटकर 3.54 प्रतिशत पर आ गई. करीब पांच साल में यह पहला मौका है जब मुद्रास्फीति भारतीय रिजर्व बैंक के चार प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे आई है.
नई दिल्ली: जुलाई में भारत की खुदरा महंगाई दर सालाना आधार पर घटकर 3.54 प्रतिशत हो गई. खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी से खुदरा महंगाई दर जुलाई में घटकर 3.54 प्रतिशत पर आ गई. करीब पांच साल में यह पहला मौका है जब मुद्रास्फीति भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank Of India) के चार प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे आई है. सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति इस साल जून में 5.08 प्रतिशत थी. जबकि बीते साल जुलाई में यह 7.44 प्रतिशत थी.
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आंकड़ों के अनुसार, खाद्य वस्तुओं की महंगाई जुलाई में 5.42 प्रतिशत रही. यह जून में 9.36 प्रतिशत थी. इससे पहले, खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर, 2019 में चार प्रतिशत के नीचे रही थी. सरकार ने रिजर्व बैंक को खुदरा मुद्रास्फीति को दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत रखने की जिम्मेदारी दी हुई है.
खाद्य कीमतों में वृद्धि के कारण जून में पांच महीने में पहली बार दर में तेजी देखी गई थी और यह सालाना आधार पर बढ़कर 5.08 प्रतिशत हो गई थी. जुलाई 2023 में खुदरा मुद्रास्फीति की दर 7.44 प्रतिशत थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 12, 2024 06:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

