Ramadan 2026: कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सीएम ममता बनर्जी को लिखा पत्र, मुस्लिम समुदाय के लिए की विशेष व्यवस्थाओं की मांग

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर रमजान और ईद के दौरान राशन, निर्बाध बिजली और परिवहन जैसी विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आग्रह किया है.

कांग्रेस नेता और सांसद अधीर राजन चौधरी (Picture credits: ANI)

कोलकाता: वरिष्ठ कांग्रेस नेता (Senior Congress Leader) और पूर्व लोकसभा सांसद (former Lok Sabha Member) अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chowdhury) ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) को एक औपचारिक पत्र लिखकर पवित्र महीने रमजान (Ramzan) और आगामी ईद-उल-फितर (Eid-ul-Fitr) के मद्देनजर कई महत्वपूर्ण मांगें की हैं. चौधरी ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि रमजान का महीना न केवल धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह संयम और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है. उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह इस दौरान आम जनता की जरूरतों और धार्मिक प्रथाओं को बिना किसी व्यवधान के पूरा करने की जिम्मेदारी उठाए. यह भी पढ़ें: WB Banglar Yuva Sathi Scheme: बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी की बड़ी घोषणा, प्रदेश में ‘बांग्लार युवा साथी’ योजना शुरू; जानें किसे मिलेगा लाभ और कैसे करें आवेदन

राशन और बाजार नियंत्रण पर विशेष ध्यान

अधीर रंजन चौधरी ने मुख्यमंत्री से राशन दुकानों के माध्यम से चावल, दाल, चीनी और खजूर जैसी आवश्यक वस्तुओं को रियायती दरों पर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया है. उन्होंने बाजार में फलों और अन्य जरूरी चीजों की कीमतों में होने वाली असामान्य वृद्धि को रोकने के लिए एक विशेष 'टास्क फोर्स' (Task Force) बनाने की भी मांग की है.

चौधरी ने कहा, ‘सरकार को नियमित बाजार निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि त्योहार के समय आम आदमी पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ न पड़े.’

सहरी और इफ्तार के समय निर्बाध सेवाएं

कांग्रेस नेता ने पत्र में रोजेदारों की सुविधा के लिए बुनियादी सेवाओं पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया है. उन्होंने मांग की कि:

परीक्षाओं और कार्यालय समय में बदलाव का सुझाव

अधीर रंजन चौधरी ने छात्रों और नौकरीपेशा लोगों की सुविधा के लिए कुछ प्रशासनिक बदलावों का भी सुझाव दिया है. उन्होंने प्रस्ताव दिया कि ईद वाले सप्ताह के दौरान कोई भी महत्वपूर्ण परीक्षा आयोजित न की जाए ताकि दूर-दराज के छात्रों को यात्रा में कठिनाई न हो. साथ ही, उन्होंने उपवास रखने वाले कर्मचारियों की सुविधा के लिए कार्यालय के समय में अस्थायी बदलाव करने का भी अनुरोध किया. यह भी पढ़ें: Ramzan 2026: सऊदी अरब के सुप्रीम कोर्ट की अपील, आज शाम आसमान में चांद तलाशेंगे मुसलमान; जानें कब शुरू हो सकता है रोजा

परिवहन सुविधा और तीन दिन की छुट्टी की मांग

ईद के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए चौधरी ने मांग की है कि त्योहार से कम से कम दो सप्ताह पहले अतिरिक्त ट्रेन और सरकारी बस सेवाएं शुरू की जाएं.

इसके अलावा, उन्होंने राज्य सरकार से ईद के अवसर पर न्यूनतम तीन दिनों की छुट्टी घोषित करने की अपील की. उन्होंने लिखा, ‘यदि ईद से एक दिन पहले और एक दिन बाद की छुट्टी घोषित की जाती है, तो दूर रहने वाले कर्मचारी अपने परिवार के साथ त्योहार मना सकेंगे, जिससे सामाजिक सद्भाव और पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे.’

'यह विशेषाधिकार नहीं, प्रशासनिक संवेदनशीलता है'

अपने पत्र के अंत में अधीर रंजन चौधरी ने स्पष्ट किया कि उनके ये प्रस्ताव कोई विशेष विशेषाधिकार नहीं हैं, बल्कि उत्सव के समय नागरिक सहायता और प्रशासनिक करुणा का प्रतिबिंब हैं. उन्होंने कहा कि जिस तरह सरकार अन्य प्रमुख त्योहारों पर विशेष कदम उठाती है, उसी तरह रमजान और ईद के दौरान ये उपाय सामाजिक न्याय की भावना को और मजबूत करेंगे.

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