Ram Mandir Inauguration: भगवान राम की मूर्ति की स्थापना के माध्यम से 'राम राज्य' की नींव रखी गई- बसवराज बोम्मई
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर में भगवान राम की मूर्ति की स्थापना के माध्यम से 'राम राज्य' की नींव रखी गई है. बसवराज बोम्मई ने यहां जयश्री अरविंद द्वारा भगवान राम पर प्रकाशित एक सीडी जारी करने के बाद कहा, ''राम राज्य' का अर्थ है 'सभी के लिए अवसर और समृद्धि, और कहीं भी गरीबी का कोई निशान नहीं'.
बेंगलुरु, 20 जनवरी : कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई (Basavaraj Bommai) ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर में भगवान राम की मूर्ति की स्थापना के माध्यम से 'राम राज्य' की नींव रखी गई है. बसवराज बोम्मई ने यहां जयश्री अरविंद द्वारा भगवान राम पर प्रकाशित एक सीडी जारी करने के बाद कहा, ''राम राज्य' का अर्थ है 'सभी के लिए अवसर और समृद्धि, और कहीं भी गरीबी का कोई निशान नहीं'. सभी के लिए न्याय." प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिखाई गई प्रतिबद्धता के साथ, राम लला की 'प्राण प्रतिष्ठा' 22 जनवरी को आयोजित की जा रही है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "हम सभी विशेषाधिकार प्राप्त और भाग्यशाली हैं. 'राम राज्य' की स्थापना के कारण सभी लोग खुशी से रहें."
उन्होंने कहा, ''हर चीज का एक समय आना चाहिए और भगवान राम को 500 साल से अधिक समय तक अयोध्या में उनके जन्मस्थान से बाहर रखा गया था. भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को तय की गई है. यह एक महान क्षण है. ऐसा लग रहा है कि सब कुछ पहले ही तय हो जाएगा क्योंकि गुरुवार को भगवान राम ने राम मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश किया. आज, भगवान राम पर गाने रिलीज़ हुए जो काफी संयोग था. उन्होंने कहा, "भगवान राम का अवतार बहुत खास है क्योंकि उनमें भगवान विष्णु का 'अवतार' था. लेकिन भगवान राम का अवतार सबसे अच्छा है क्योंकि यह बहुत महान था." यह भी पढ़ें : Delhi Fire Shocking Reason: खराब रूम हीटर, दरवाजे इलेक्ट्रॉनिक लॉक के कारण लगी आग, 6 लोगों की मौत
जब भी उन्होंने गलतियां कीं, राम सही रास्ता दिखाते थे. राम के सिद्धांत के बिना कोई जीवन नहीं है. बचपन से लेकर वन जाने तक उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया. वे विचारधारा के बारे में बात करते हैं लेकिन अन्य लोग इसका पालन करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि वाल्मीकि रामायण सर्वश्रेष्ठ रामायण है क्योंकि इसमें पिता और पुत्र के बीच के रिश्ते को दिखाया गया है. भाइयों के बीच के रिश्ते को. लक्ष्मण ने भाई राम के साथ जंगल में 14 साल बिताए. एक अन्य भाई, भरत ने राम की 'पादुका' को अपने पास रखा. सिंहासन और राज्य पर शासन किया. इस तरह की संस्कृति केवल यहीं मौजूद थी.
अब कोई भी सत्ता किसी पर नहीं छोड़ता. इसमें भगवान राम और हनुमान के रूप में 'गुरु' और 'शिष्य' के बीच के रिश्ते को भी दिखाया गया है. उन्होंने कहा कि चूंकि मस्जिद राम मंदिर पर मौजूद थी, इसलिए पूजा नहीं की गई. भगवान राम सही समय पर आये हैं. यह खुशी का क्षण है कि पीएम मोदी 22 जनवरी को 'प्राण प्रतिष्ठापना' करेंगे. भाजपा विधायक रवि सुब्रमण्यम एल.ए. और उत्तरादी मठ के संयोजक आचार्य कट्टी और गायक जयश्री अरविंद मौजूद थे.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 20, 2024 09:18 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

